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Lucknow News: अनन्या अत्री बनीं बेस्ट डिप्टी जेलर और उत्तराखंड के प्रदीप सिंह बेस्ट जेल प्रहरी
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डिप्टी जेलरों व कर्मियों की पासिंग आउट परेड
लखनऊ। आलमबाग स्थित डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान (जेल ट्रेनिंग स्कूल) में मंगलवार को प्रशिक्षण पूरा कर चुके डिप्टी जेलरों व कर्मियों की पासिंग आउट परेड हुई। कार्यक्रम में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान को प्रशिक्षुओं ने सशस्त्र सलामी दी। वहीं, प्रशिक्षण सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बेस्ट कैडेट का खिताब डिप्टी जेलर संवर्ग में यूपी की अनन्या अत्री व जेल प्रहरी संवर्ग में उत्तराखंड के प्रदीप सिंह को दिया गया।
एसजेटीआई में 13 महिला अफसर समेत यूपी के 40 प्रशिक्षु डिप्टी जेलरों ने प्रशिक्षण पूरा किया। इसके साथ ही यूपी व उत्तराखंड के 128 जेल प्रहरियों की भी पासिंग आउट परेड हुई। मंत्री ने अव्वल प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र दिया। उन्होंने प्रशिक्षु अफसरों एवं जेल प्रहरियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि परेड के दौरान मंच से गुजरते प्रशिक्षुओं के प्रत्येक कदम शरीर में रोमांच और गर्व का संचार कराता है। यह अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य निष्ठा का प्रतीक है।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 1940 में स्थापित यह कारागार प्रशिक्षण संस्थान एशिया का पहला ट्रेनिंग सेंटर है, जहां सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि नेपाल, तंजानिया व सूडान के जेलकर्मी भी प्रशिक्षण ले चुके हैं। संस्थान में अब तक 1679 अफसर व 13149 जेल प्रहरी प्रशिक्षित होकर सेवाएं दे चुके हैं।
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डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने सभी को जीवन में सकारात्मक सोच व निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान पहली बार पुलिस विभाग के सहयोग से प्रशिक्षुओं को पुलिस अकादमी मुरादाबाद में एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनकी व्यावहारिक दक्षता में इजाफा होगा। साथ ही तीनों नए आपराधिक कानून का भी प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक व डीआईजी जेल डॉ. रामधनी ने नए डिप्टी जेलरों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
आयोजन में अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेंद्र सिंह, मेरठ रेंज के डीआईजी जेल आईपीएस सुभाष चंद्र शाक्य,आगरा रेंज के जेल डीआईजी प्रेमनाथ पांडेय, उत्तराखंड के जेल डीआईजी दधिराम मौर्य व मुख्यालय पर तैनात वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह, डीजी जेल के पीआरओ अंकित कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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एसजेटीआई में 13 महिला अफसर समेत यूपी के 40 प्रशिक्षु डिप्टी जेलरों ने प्रशिक्षण पूरा किया। इसके साथ ही यूपी व उत्तराखंड के 128 जेल प्रहरियों की भी पासिंग आउट परेड हुई। मंत्री ने अव्वल प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को स्मृति चिह्न व प्रमाण पत्र दिया। उन्होंने प्रशिक्षु अफसरों एवं जेल प्रहरियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि परेड के दौरान मंच से गुजरते प्रशिक्षुओं के प्रत्येक कदम शरीर में रोमांच और गर्व का संचार कराता है। यह अनुशासन, समर्पण और कर्तव्य निष्ठा का प्रतीक है।
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मंत्री ने कहा कि वर्ष 1940 में स्थापित यह कारागार प्रशिक्षण संस्थान एशिया का पहला ट्रेनिंग सेंटर है, जहां सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि नेपाल, तंजानिया व सूडान के जेलकर्मी भी प्रशिक्षण ले चुके हैं। संस्थान में अब तक 1679 अफसर व 13149 जेल प्रहरी प्रशिक्षित होकर सेवाएं दे चुके हैं।
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डीजी जेल पीवी रामाशास्त्री ने सभी को जीवन में सकारात्मक सोच व निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान पहली बार पुलिस विभाग के सहयोग से प्रशिक्षुओं को पुलिस अकादमी मुरादाबाद में एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनकी व्यावहारिक दक्षता में इजाफा होगा। साथ ही तीनों नए आपराधिक कानून का भी प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक व डीआईजी जेल डॉ. रामधनी ने नए डिप्टी जेलरों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
आयोजन में अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेंद्र सिंह, मेरठ रेंज के डीआईजी जेल आईपीएस सुभाष चंद्र शाक्य,आगरा रेंज के जेल डीआईजी प्रेमनाथ पांडेय, उत्तराखंड के जेल डीआईजी दधिराम मौर्य व मुख्यालय पर तैनात वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत सिंह, डीजी जेल के पीआरओ अंकित कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।