सरकार का विकास के लिए एक और 'हवाई' फैसला
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बौद्ध परिपथ के महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की योजना खटाई में पड़ने के बाद अब वहां एक हवाई पट्टी विकसित करने का फैसला किया गया है।
इसका ठेका हवाई अड्डा निर्माण में अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की कार्यदायी संस्था ‘राइट्स लिमिटेड’ को दिया गया है। उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग का कहना है कि जल्द ही कुशीनगर में हवाई जहाज उतरने लगेंगे।
राज्य सरकार ने कुशीनगर में सरकारी-निजी सहभागिता (पीपीपी मोड) में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का फैसला किया था। कई बार टेंडर निकाले गए, मगर निर्माण के लिए किसी भी फर्म ने रुचि नहीं ली।
इसके बाद राज्य सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से प्रोजेक्ट हाथ में लेने का अनुरोध किया। एएआई की एक टीम ने पिछले दिनों साइट का दौरा भी किया, लेकिन अभी तक मामला सैद्धांतिक सहमति से आगे नहीं बढ़ सका है।
पहले ही अधिगृहीत की जा चुकी है जमीन
इसी बीच राज्य सरकार ने वहां एक हवाई पट्टी विकसित करवाने के निर्देश उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग को दिए। यहां बता दें कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए किसानों की जमीन पहले ही अधिगृहीत की जा चुकी है। उस पर कब्जा भी मिल चुका है।
उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव एसके रघुवंशी ने बताया कि कुशीनगर में हवाई पट्टी विकसित करने की जिम्मेदारी ‘राइट्स लिमिटेड’ को दी गई है।
हवाई पट्टी के आसपास पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेस्टोरेंट, टॉयलेट और टैक्सी स्टैंड आदि की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच वार्ता चल रही है।