आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर निलंबित
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले आईपीएस अमिताभ ठाकुर को राज्य सरकार ने सोमवार देर रात निलंबित कर दिया।
शासन ने उनको स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता, शासन विरोधी दृष्टिकोण, उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी, अपने पद से जुड़े दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीनता व नियमों आदि के उल्लंघन में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तात्कालिक प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया।
पंचम तल पर देर रात तक चली उच्च अधिकारियों की बैठक में अमिताभ ठाकुर के निलंबन का फैसला लिया गया। आईजी सिविल डिफेंस के पद पर तैनात अमिताभ ठाकुर निलंबन की अवधि में पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबद्ध रहेंगे तथा उनकी पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
सरकार के लिए गले की हड़्डी बने थे
गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी और मीडिया से बातचीत में जान से मारने की आशंका जताई थी।
वहीं, उन्होंने यह भी बयान दिया था कि उन्हें राज्य की पुलिस पर भरोसा नहीं है। मामले की जांच के लिए वह हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
इसके अलावा वह सोमवार अपनी सुरक्षा की गुहार लेकर दिल्ली भी गए।
सीबीआई से की मामले की जांच की मांग
इसके पहले अमिताभ ठाकुर ने अपनी जान को खतरा बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय से सुरक्षा मांगी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सुरक्षा पर उन्हें भरोसा नहीं है। इसके अलावा ठाकुर ने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की।
अमिताभ व उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर दोनों सोमवार को दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय अपर गृह सचिव एके सिंह से मुलाकात की। कहा- अवैध खनन के मामले में नूतन ठाकुर ने यूपी सरकार के मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त के यहां शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद से उन्हें धमकी मिल रही है।
अमिताभ ठाकुर ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा मोबाइल पर दी गई धमकी का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन अभी केस दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने अपर गृह सचिव को बताया कि तहरीर के बाद उनके खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ऐसे में उन्हें जान का खतरा है।
अमिताभ के खिलाफ जुटाए जा रहे साक्ष्य
आशंका यह भी है कि कुछ और फर्जी केस दर्ज किए जाएं और उन्हें जेल भेज दिया जाए। ठाकुर ने कहा कि न्यायहित में पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।
इस बीच, राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए एनेक्सी के मीडिया सेंटर में आईजी कानून-व्यवस्था सतीश गणेश ने कहा कि आईज़ी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
विवेचना के बाद कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया के खिलाफ की गई शिकायत में आईजी ने अभी तक प्रमाणिक सीडी उपलब्ध नहीं कराई है।