‘भाजपाई सीएम को शपथ दिलाए बगैर नहीं छोड़ूंगा यूपी’
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कार्यकर्ता सम्मेलन में चुटकी ली कि कोई नेता यह न सोचें कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्हें अमित शाह जैसे कठोर प्रभारी से मुक्ति मिल जाएगी।
जब तक यूपी में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार नहीं बन जाती, पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ले लेता, कार्यकर्ताओं और जनता की सुरक्षा की गांरटी नहीं हो जाती, तब तक अमित शाह यूपी छोड़ने वाला नहीं है।
अमित शाह का असली लक्ष्य तो अब शुरू होगा। यह लक्ष्य है यूपी में भाजपा की सरकार बनवाना।
सिर्फ एक पक्ष के लिए ही काम कर रही सपा
शाह ने कहा कि मुलायम सिंह और अखिलेश ने लोकसभा चुनाव नतीजों से कोई सबक नहीं लिया। लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद सपा सरकार एक वर्ग विशेष के पक्ष में इस तरह उतर आई कि जैसे यूपी के लोगों ने भाजपा को 80 में 73 सीटों पर जिताकर गुनाह कर दिया हो।
जनता पर जुल्म बढ़ गए हैं। सरकार की नाराजगी कहर बनकर टूट रही है। सपा सरकार की वोट बैंक की राजनीति ने यूपी की पुलिस और प्रशासन को एकतरफा कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है।
लोग सरकारी संरक्षण में एक वर्ग विशेष के उत्पीड़न और सरकार की एकतरफा कार्रवाई के कहर से त्रस्त हैं। पर, हताश न हों। मुलायम-अखिलेश की नीतियों से सपा सरकार का पतन तय है।
नींव पर इमारत खड़ी करना अभी बाकी
शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सपा सरकार की ज्यादतियों से भिड़ जाने का आह्वान किया। साथ ही जोड़ा कि यह काम थोड़ा संभलकर करना होगा।
ध्यान रखें सपा सरकार यह आरोप न लगा पाए कि भाजपा के लोगों के कारण कहीं स्थिति बिगड़ी। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया, ‘भाजपा संगठन को मजबूत करिए, बूथ कमेटियों को ठीक करिए।
लोकसभा चुनाव तो नींव डालने का काम था। उस नींव पर इमारत बनाने के लिए असली काम बाकी है। यह उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने से ही होगा।’
मंच पर सभी प्रमुख नेता मौजूद, पर बोले नहीं
लंबे समय बाद भाजपा के किसी मंच पर पार्टी के अधिकतर प्रमुख नेता साथ दिखाई दिए। इनमें प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सूर्यप्रताप शाही, विनय कटियार, वरिष्ठ नेता लालजी टंडन शामिल थे। हालांकि इनमें से किसी ने संबोधित नहीं किया।
अलबत्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह जरूर मंच पर नहीं दिखाई दिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अमित शाह का स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष का ध्यान उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की ओर दिलाया। कहा कि सरकार अतिवादी हो गई है। कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न चरम पर पहुंच गया है।
उनसे पहले विधान परिषद में पार्टी के नेता हृदयनारायण दीक्षित, विधानसभा में नेता विधानमंडल दल सुरेश खन्ना, पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद रामशंकर कठेरिया, राष्ट्रीय मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित किया।
पार्टी महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने सम्मेलन का संचालन किया। अयोध्या, मिर्जापुर, वाराणसी, मथुरा आदि से आए कार्यकर्ताओं ने शाह को इन तीर्थों के अंगवस्त्रम् और प्रसाद भेंट किया।