अखिलेश देंगे इतनी नौकरियां, यकीन नहीं होता!
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा की उपस्थिति में डीएमआईसी के शुभारंभ से पहले अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का शिलान्यास किया।
ग्रेटर नोएडा में इस टाउनशिप के विकास से 33 हजार करोड़ रुपये के पूंजी निवेश और 58 हजार नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संपूर्ण विकास पर यूपी में 30 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक निवेश 24 लाख करोड़ रुपया पहुंच जाएगा।
बोले, बदल देंगे सूबे की तस्वीर
राजधानी के एक होटल में शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी व पश्चिमी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर प्रदेश में मिल रहे हैं।
इससे न सिर्फ आर्थिक विकास को तेजी मिलेगी बल्कि लाखों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। यूपी का तेजी से औद्योगिक विकास होगा।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने डीएमआईसी प्रोजेक्ट के काम में रुचि नहीं ली, लेकिन उनकी सरकार ने इसे तेजी से बढ़ाया है।
ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (ईडीएफसी) के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जिसे मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्टर्न व वेस्टर्न फ्रेट कॉरीडोर सूबे में औद्योगिक विकास की तस्वीर बदल देंगे।
दुनिया के साथ कदमताल करेगा भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में काम बढ़ने से युवाओं के रोजगार के मौके बढ़ेंगे और देश दुनिया के साथ खड़ा हो सकेगा।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री शर्मा की यूपी के विकास में आगे बढ़कर योगदान के लिए तारीफ की और बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास को ध्यान में रखते हुए केंद्र की सभी विकास योजनाओं के लिए तेजी से जमीन उपलब्ध कराई।
एम्स, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट व सैनिक स्कूल के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराई। आने वाले वर्षों में भी प्रदेश सरकार केंद्र की योजनाओं के लिए पूरी मदद करेगी।
हालांकि मुख्यमंत्री के जाने के बाद शर्मा ने रायबरेली की कुछ परियोजनाओं में जमीन मिलने में देरी का जिक्र किया।
ये नीति पैदा करेगी 10 करोड़ रोजगार
केंद्र की राष्ट्रीय निर्माण नीति से निर्माण क्षेत्र में जबर्दस्त बदलाव आएगा। इससे जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान 16 से 25 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा और 10 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
यह कहना है केंद्रीय वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा का। शर्मा रविवार को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) प्रोजेक्ट का शिलान्यास के मौके पर बोल रहे थे।
उन्होंने 1500 किमी. लंबे डीएमआईसी प्रोजेक्ट को दुनिया का सबसे बड़ा और इनोवेटिव प्रोजेक्ट बताया।
शर्मा ने कहा कि देश में 81 करोड़ युवाओं में 62 करोड़ 21 वर्ष से नीचे के हैं। 10 वर्ष में 15 करोड़ नौजवानों को काम की जरूरत होगी।
नहीं आएगी उद्यमियों को परेशानी
डीएमआईसी के अंतर्गत नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड मैन्यूफैक्चरिंग जोन की संख्या आठ से बढ़ाकर 17 कर दी गई है। इसके विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उद्यमियों को कहीं कोई मुश्किल नहीं आएगी।
कार्यक्रम को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन, डीएमआईसीडीसी के सीईओ अमिताभ कांत ने भी संबोधित किया।
14 घंटे में बंदरगाह पहुंचेंगे उत्पाद
आनंद शर्मा ने कहा कि यूपी के जिन उत्पादों को बंदरगाह तक पहुंचने के लिए अभी करीब 14 दिन लग जाते हैं, इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 14 घंटे से भी कम समय लगेगा।
अखिलेश की हुई तारीफ
ईडीएफसी से कृषि उत्पादों के त्वरित परिवहन की सुविधा का विकास होगा और यहां के ग्रामीण क्षेत्रों तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार के सहयोगात्मक रुख से ही इस परियोजना का शुभारंभ व शिलान्यास संभव हो सका है।
इसके पहले इस प्रोजेक्ट में प्रदेश बहुत पिछड़ा था। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवाल पर शर्मा ने कहा कि इस परियोजना का शिलान्यास चुनाव को देखकर नहीं किया जा रहा है बल्कि इस परियोजना पर दो वर्ष से काम चल रहा था।
तो नोएडा हो जाएगा एशिया में नं. 1
- वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के दोनों ओर 150-200 किमी. की पट्टी में होगा विकास।
- दादरी ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर व वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन होगा।
- 1483 किमी. लंबे डीएमआईसी के अंतर्गत यूपी में दो मैन्यूफैक्चरिंग जोन चिह्नित। पहला दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र, दूसरा, मेरठ-मुजफ्फरनगर औद्योगिक क्षेत्र।
- डीएमआईसी के अंतर्गत यूपी में तीन अर्ली बर्ड प्रोजेक्ट होंगे। पहला ग्रेटर नोएडा में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप, दूसरा, बोडाकी में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब और तीसरा दादरी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब।
- एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप ग्रेटर नोएडा में 740 एकड़ में विकसित की जाएगी।
- नोएडा व ग्रेटर नोएडा एशिया का सबसे बड़ा नियोजित औद्योगिक क्षेत्र होगा।