फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Amar Ujala Sangam: Fair-like splendor in the Mahakumbh of cultures, crowd remained throughout the day, people

अमर उजाला संगम: संस्कृतियों के महाकुंभ में मेले सी रौनक, पूरे दिन मेले से रही भीड़, लोगों ने चखे विविध व्यंजन

Mon, 06 Jan 2025 07:55 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 06 Jan 2025 07:55 AM IST
सार

Amar Ujala Sangam: अमर उजाला संगम कार्यक्रम के दूसरे दिन गोमती के तट पर मेले जैसी रौनक रही। लोगों ने यहां तरह-तरह के गेम खेलने के साथ खाने का भी लुत्फ उठाया।
 

विज्ञापन
Amar Ujala Sangam: Fair-like splendor in the Mahakumbh of cultures, crowd remained throughout the day, people
sangam - फोटो : amar ujala

विस्तार

 खाने के स्टॉलों पर जायके के शौकीनों का जमावड़ा। कहीं इठलाती, इतराती कठपुतलियों के ठुमके। लिल्ली घोड़े के नखरे। कहीं हिचकोले खाते ऊंट की सवारी। जादू को एकटक निहारते बच्चे, रस्साकशी करते बुजुर्ग। एयरगन से गुब्बारों पर निशानेबाजी करने से लेकर धोबिया नृत्य पर कलाकारों संग नाचते दर्शक।

विज्ञापन


सर्द मौसम में रिवरफ्रंट पर संस्कृतियों के महाकुंभ में मेले सी रौनक रही। सुबह से शुरू हुआ दर्शकों के उत्साह का कारवां देर रात तक बना रहा। मेले में इंद्रधनुषी रंग उपस्थित रहे। अमर उजाला की ओर से संगमः संस्कृतियों का महाकुंभ कार्यक्रम गोमती रिवरफ्रंट पर आयोजित किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर रविवार को अधिक भीड़ रही। सुबह दस बजे से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। मंच पर हो रही प्रस्तुतियों का लुत्फ उठाने के साथ-साथ लोगों ने अपने बच्चों के दिन को भी यादगार बनाया। बच्चों के लिए बने किड्स जोन में खासी भीड़ रही। 
विज्ञापन


बच्चों के खिले चेहरों ने मेले में चार चांद लगा दिए। बग्घी, ऊंटों, घोडों, फनी कॉस्ट्यूम पहने पांडा व टाइगर के पीछे भागते बच्चों को संभालने में अभिभावक जीजान से जुटे रहे। बच्चों ने ट्वॉय ट्रेन में सवारी की। वहीं स्वाद के शौकीन अवधी, भोजपुरी, सिंधी, उड़िया, पंजाबी, बंगाली समाज के खानपान ने स्वाद के शौकीनों को उंगलियां चाटने पर मजबूर कर दिया। गर्मागर्म चाय की चुस्कियां लेते हुए गपशप करते, हंसते, खिलखिलाते लोगों की बातें भी सर्द मौसम में गर्मी भरती दिखीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

साल दर साल भव्य हो रहा संस्कृतियों का समागम

Amar Ujala Sangam: Fair-like splendor in the Mahakumbh of cultures, crowd remained throughout the day, people
sangam - फोटो : amar ujala

अमर उजाला की अनूठी पेशकश संस्कृतियों का संगम अब महाकुंभ का रूप ले चुका है। तीसरे साल भी खासी भीड़ कार्यक्रम में पहुंची। संस्कृतियों का पहला संगम संगीत नाटक अकादमी 2022 में आयोजित हुआ। यह कारवां आगे बढ़ा और वर्ष 2023 में इसे रिवरफ्रंट पर लगाया गया। साल दर साल यह कारवां आगे बढ़ रहा है। संस्कृतियों, खानपान व मेले का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आने वाले समय में यह और भी भव्य रूप लेगा।

फिर मिलने के वादे संग विदा हुआ संगम
संस्कृतियों का महाकुंभ रविवार को कवि सम्मेलन के साथ ही समाप्त हो गया। दूसरे दिन बड़ी संख्या में दर्शक अमर उजाला के कार्यक्रम में पहुंचे। संगम संस्कृतियों का महाकुंभ विदा हो गया। इस वादे के साथ फिर मिलेंगे। भव्य और शानदार ढंग से। नए स्वाद के साथ। मनोरंजन के नए साधनों के साथ।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed