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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Amar Singh speaks about Mulayam Singh Yadav.

'मुलायम कई अमर बना सकते हैं, मैं एक मुलायम नहीं बना सकता'

Thu, 16 Jul 2015 01:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 16 Jul 2015 01:14 PM IST
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Amar Singh speaks about Mulayam Singh Yadav.

पूर्व सांसद अमर सिंह का कहना है कि मुलायम सिंह यादव कई अमर सिंह बना सकते हैं पर हमारी यह हैसियत नहीं कि एक भी मुलायम सिंह बना सकें। फिलहाल सपा में वापसी की अटकलों पर विराम लगाते हुए अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव से उनके पारिवारिक रिश्ते हैं। हमारे-उनके बीच सौदेबाजी का कोई रिश्ता नहीं है।

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उनके साथ भावनात्मक रिश्ता है और अगर कोई निर्णय होगा तो उसका आधार भावना ही होगा। बकौल अमर सिंह वह ज्योतिषी नहीं हैं जो बता दें कि कब समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। मुलायम सिंह बड़े थे, बड़े हैं और बड़े रहेंगे।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रोजा इफ्तार में खास मेहमान बने अमर सिंह ने बुधवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि मंगलवार को उनकी मुलायम सिंह यादव व अखिलेश से बातचीत जरूर हुई लेकिन पार्टी में शामिल होने पर कोई चर्चा नहीं हुई। इस परिवार से उनके संबंध सियासी नहीं बेहद पारिवारिक हैं। यह आगे भी बना रहेगा।
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चाचा-भतीजे की मुलाकात में क्या खबर

Amar Singh speaks about Mulayam Singh Yadav.

मुख्यमंत्री से किसी खास मुद्दे पर चर्चा के सवाल पर अमर सिंह ने कहा कि अखिलेश से 20 साल से मिल रहा हूं। वे मुख्यमंत्री के साथ हमारे भी कुछ हैं। बाप-बेटे या चाचा-भतीजे का मिलना कोई खबर है क्या?

वैचारिक मतभेद अलग बात हैं लेकिन पारिवारिक संबंध भी कोई चीज है। इसी नाते वह मुलायम, अखिलेश व शिवपाल से मिलते रहते हैं। इसमें कुछ भी अप्रत्याशित नहीं है। अमर सिंह के मुताबिक भविष्य कुछ भी हो पर अतीत को कैसे बदल सकते हैं? अतीत की वजह से ही यह सिलसिला बना हुआ है।

मुलायम वैचारिक मतभेदों से ऊपर
क्या माना जाए कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा में आप सक्रिय भूमिका में नजर आएंगे? मुझे पता नहीं। कोई ज्योतिषी तो हूं नहीं जो बता सकूं। मुलायम सिंह यादव देश के ऐसे बड़े नेता हैं जो वैचारिक मतभेदों से उठकर संबंध बनाने में माहिर हैं। अभी हाल में ही में अमिताभ ठाकुर प्रकरण में उनके ऊपर हमला हुआ तो कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी उनके बचाव में आगे आए। वह सपा के तो हैं नहीं।

जयाप्रदा विधान परिषद नहीं जाएंगी

Amar Singh speaks about Mulayam Singh Yadav.

अमर सिंह ने अपनी तरफ से स्पष्ट किया कि जयाप्रदा न तो विधान परिषद में जा रही हैं और न ही मंत्री बनेंगी। बस इतना है कि अब वह रामपुर के बजाय लखनऊ की वोटर हो गई हैं।

अभी तो सेहत पर ध्यान दे रहा हूं

राजनीति में सक्रिय होने के बारे में उन्होंने कहा कि अभी तो स्वास्थ्य और परिवार पर ध्यान दे रहा हूं। आगे क्या होगा, कैसे बता सकता हूं?

नफरत करने वालों के सीने में प्यार भर दूं
सपा में वापसी को लेकर पार्टी महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव व कद्दावर मंत्री मो. आजम खां के विरोध के बारे में पूछे जाने पर अमर सिंह ने पहले तो कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।

काफी कुरेदने पर बोले ‘आजम खां मुलायम सिंह के दिल के करीब हैं और प्रो. रामगोपाल यादव उनके भाई। जो शख्श दिल के करीब हो और जो भाई हो, उनसे नफरत तो कर नहीं सकते।’

फिर बोले मुझे तो उनकी नफरत दिखती भी नहीं और न ही इनसे किसी तरह का गिला-शिकवा है। अमर सिंह ने यह कहते हुए अपनी बात खत्म की ‘नफरत करने वालों के सीने में प्यार भर दूं, मै वो परवाना हूं पत्थर को मोम कर दूं।’

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