...तो इस तरह यूपी में आएगा 'गुड गवर्नेंस'
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मुख्य सचिव आलोक रंजन ने सभी विभागों से गुड गवर्नेंस के साथ ही आम जन से जुड़ी योजनाओं व सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा है कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों की स्वीकृति निर्गत करने का एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि कार्य प्रक्रिया पर ज्यादा नजर रखी जाए।
जमीनी स्तर तक निरीक्षण कर योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू कराया जाए। मुख्य सचिव गुरुवार को प्रमुख सचिव व सचिवों के अलावा विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर रहे थे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस्तेमाल हो टेक्नोलॉजी
मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं व कार्यक्रमों की निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए। इसके लिए प्रत्येक विभाग में नीति निर्धारण प्रकोष्ठ बनाया जाए।
प्रकोष्ठ में विशेषज्ञों को भी सम्मिलित किया जाए तथा छह माह में एक बैठक अवश्य हो। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि विभागों की रिट याचिकायें बड़ी संख्या में न्यायालयों में लंबित हैं। इनमें अधिकांश सेवा संबंधी मामले हैं।
यदि समय से डीपीसी कराकर नियमानुसार पदोन्नति दे दी जाए तो लंबित वादों की संख्या में कमी लाई जा सकती है। मुख्य सचिव ने कहा भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग सुनिश्चित कराया जाए।
कार्यवाही समयबद्घ होनी चाहिए
मुख्य सचिव ने कहा जिस प्रकार राजस्व विभाग द्वारा आईटी तकनीक का उपयोग जनता को सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है उसी प्रकार अन्य विभागों की ओर से भी समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए।
प्राथमिकता के आधार पर सभी विभाग अपने यहां खाली पदों को भरने की कार्यवाही करें।