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निजी अस्पताल पर वसूली और मरीज को बंधक बनाने का आरोप, सीएम और डीएम से शिकायत
Thu, 02 Jul 2020 05:19 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 02 Jul 2020 05:19 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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सीतापुर के लाल बहादुरपुरवा निवासी शिवानजी (25) के इलाज में लापरवाही व वसूली का आरोप लगाकर तीमारदारों ने बुधवार को मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। तीमारदार का आरोप है कि ऑलमाइटी हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में बर्न यूनिट व प्लास्टिक सर्जन न होने के बावजूद मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
इलाज के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल ली गई। भुगतान न करने पर मरीज को अस्पताल में बंधक बना लिया। सीएमओ ऑफिस से मरीज की केस हिस्ट्री तलब कर जवाब मांगा जा रहा है। शिवानजी तीन दिन पहले घर पर झुलस गई थी। तीमारदार उसे केजीएमयू ले गए, जहां से सिविल रेफर कर दिया गया। लेकिन एंबुलेंस का दलाल उसे ऑलमाइटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर ले गया।
आरोप है कि तीन दिन में इलाज के नाम पर 40 हज़ार रुपये वसूल लिए। तीमारदार ने इलाज में असमर्थता जताई तो बकाया 50 हजार रुपये लाने पर मरीज को छोड़ने को कहा। इसे लेकर तीमारदार ने मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्नर समेत जिलाधिकारी से ट्विटर पर शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की करवाई होगी।
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बंधक बनाने के आरोप गलत
मरीज 90 प्रतिशत जली हुई है। बंधक बनाए जाने के आरोप गलत हैं। अस्पताल में एक बेड की बर्न यूनिट बनाई गई है। मरीज का इलाज प्लास्टिक सर्जन कर रहे थे। - आलोक, अस्पताल संचालक
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इलाज के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल ली गई। भुगतान न करने पर मरीज को अस्पताल में बंधक बना लिया। सीएमओ ऑफिस से मरीज की केस हिस्ट्री तलब कर जवाब मांगा जा रहा है। शिवानजी तीन दिन पहले घर पर झुलस गई थी। तीमारदार उसे केजीएमयू ले गए, जहां से सिविल रेफर कर दिया गया। लेकिन एंबुलेंस का दलाल उसे ऑलमाइटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर ले गया।
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आरोप है कि तीन दिन में इलाज के नाम पर 40 हज़ार रुपये वसूल लिए। तीमारदार ने इलाज में असमर्थता जताई तो बकाया 50 हजार रुपये लाने पर मरीज को छोड़ने को कहा। इसे लेकर तीमारदार ने मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्नर समेत जिलाधिकारी से ट्विटर पर शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर आगे की करवाई होगी।
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बंधक बनाने के आरोप गलत
मरीज 90 प्रतिशत जली हुई है। बंधक बनाए जाने के आरोप गलत हैं। अस्पताल में एक बेड की बर्न यूनिट बनाई गई है। मरीज का इलाज प्लास्टिक सर्जन कर रहे थे। - आलोक, अस्पताल संचालक