अयोध्या राम जन्मभूमि पर हुए आतंकी हमले का फैसला फिर टला
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राम जन्मभूमि पर 2005 में हुए फिदाइन हमले पर फैसला 16 अप्रैल तक टाल दिया गया है। ये केस इलाहाबद कोर्ट में चल रहा था। स्पेशल कोर्ट ने पांच गवाहों को कोर्ट में गवाही के लिए तलब किया है।
पांच जुलाई 2005 को सुबह करीब सवा नौ बजे अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर पर ये आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने एंट्री प्वाइंट पर लगे बैरियर को मार्शल जीप में ब्लास्ट करके तोड़ दिया था।
ब्लास्ट करके आतंकियों ने फायरिंग करते हुए मुख्य कैंपस में घुसने की कोशिश की थी। आतंकियों की सुरक्षाबल के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मुठभेड़ चली थी जिसमें पांचों आतंकी मारे गए थे।
आतंकियो के पास मिले थे कुरान के टुकड़े
आतंकियों की गोली टूरिस्ट गाइड रमेश कुमार पांडेय व शांति देवी नाम की महिला को लगी थी जिससे उनकी मौत हो गई थी। आतंकियों के पास से कुरान के टुकड़ों सहित एके-47 जैसे हथियार मिले थे।
जांच के बाद इन आतंकियों के पांच और साथियों को गिरफ्तार किया गया। इस आतंकी हमले का मास्टर माइंड यूपी के सहारनपुर का डॉ.इरफान था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2006 में आतंकियों को नैनी सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया था। तब से इस मामले पर सुनवाई चल रही है। इस मामले में अबतक पचास से ज्यादा लोगों की गवाही हो चुकी है।