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क्या है 'बारादरी' और इनकी कहानी...

Thu, 01 Aug 2013 04:08 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 01 Aug 2013 04:08 PM IST
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बारादरी का मतलब होता है पूरी तरह से ढका हुआ पवेलियन, जो चारों तरफ से दीवारों, खिड़कियों और दरवाजों से घिरा होता है। इनके आगे एक बड़ी सी जगह होती है, जिसे बरामदा या बरादरी कहते हैं।

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बारादरी में 12 आर्च और दरवाजे होते हैं, जो कम से कम तीन दिशाओं में खुलते हैं। सुरक्षित बरादरी कैसरबाग में स्थित है, जिसे कसर-उल-बुका कहा जाता है। इसके अलावा चिडिय़ाघर में नाजीन वाली बारादरी बनासरी बाग में स्थित है।
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कैसे पड़ा बनारसीबाग नाम
बनारसी बाग नाम बगीचों के लिए पड़ा। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार कुछ पौधे बनारस से लाए गए थे, जिन्हें बगीचे में लगाया गया।

इतिहासकार सिडनी हे के मुताबिक यहीं पर दो मंजिला समर हाउस हुआ करता था, जहां मौजूदा समय की बारादरी स्थित है।

तारीख-ए-लखनऊ में मौलाना आगा मेहंदी के मुताबिक, नवाब सआदत अली खान के दौर में नाजीन वाली बारादरी को सफेद पत्थर से 1221 में बनाया गया था।

हालांकि, इसमें कई विवाद रहे नजमुल घानी ने तारीख-ए-अवध में बताया है कि बारादरी कैसरबाग में है। जबकि, सुरेंद्र मोहन ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि बारादरी का निर्माण अवध के दूसरे नवाब नासीर-उद-दिन हैदर ने 1823-1827 में कराया था।
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