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Lucknow News: गर्मी व लू से बचने के लिए अलर्ट जारी
Sun, 19 May 2024 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 19 May 2024 11:35 PM IST
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श्रावस्ती।
गर्मी व लू से बचाव के लिए डीएम ने अलर्ट जारी किया है। लोगों को गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी है।
भीषण गर्मी के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अस्पतालों में औसतन 60 फीसदी मरीज गर्मी जनित बीमारियों के पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए डीएम की ओर से आम लोगों के लिए सुरक्षा व बचाव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। डीएम कृतिका शर्मा ने कहा है कि हीट वेव (लू) के कारण शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, इससे मृत्यु भी हो सकती है। इससे बचाव बहुत जरूरी है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। गर्मी बढ़ने से बच्चों के शरीर के तापमान में तेजी से बदलाव होता है। इस कारण बच्चों को सर्दी जुकाम, बुखार, उल्टी दस्त, पेट दर्द जैसी बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें। दूषित पानी और बासी भोजन से बचें। कुछ भी खाने से पहले हाथ जरूर धोयें। क्योंकि डायरिया पैदा करने वाले विषाणु हाथों के जरिये शरीर में प्रवेश करते हैं। तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें, लू के थपेड़ों से बचने के लिए शरीर को ढक कर रखें, तली-भुनी चीजों को खाने से परहेज करें।
लू लगने के लक्षण
लू लगने के लक्षणों में पीड़ित को तेज बुखार आना, प्यास अधिक लगना, बेहोश होना, चक्कर आना, हाथ-पैर में दर्द होना शामिल हैं। आंखों व हाथ-पैरों के तलवों में जलन होती है। इससे आदमी बेहोश हो सकता है। बहुत अधिक गर्मी और जलन होने से रोगी के शरीर में बेचैनी हो जाती है।
ऐसे करें बचाव
काम करते समय हल्के सूती व फीके रंग के कपड़े पहनें। काले या गहरे रंग के कपड़े ज्यादा ना पहनें। सिर पर रुमाल या टोपी पहनें, जिससे न केवल सिर का पर बल्कि कान और चेहरे का धूप से बचाव हो सके। छोटे बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग अधिकांश समय छांव में ही रहें। धूप में खड़े वाहनों में बैठना उचित नहीं। धूप में निकलते समय छाते का इस्तेमाल करें। बहुत प्यास लगने, सिर चकराने, घबराहट या भ्रम महसूस होने पर छांव में जाएं और पानी पिएं। - डाॅ. रोहित सीएचसी भिनगा
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गर्मी व लू से बचाव के लिए डीएम ने अलर्ट जारी किया है। लोगों को गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी है।
भीषण गर्मी के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अस्पतालों में औसतन 60 फीसदी मरीज गर्मी जनित बीमारियों के पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ रही संख्या को देखते हुए डीएम की ओर से आम लोगों के लिए सुरक्षा व बचाव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। डीएम कृतिका शर्मा ने कहा है कि हीट वेव (लू) के कारण शरीर की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, इससे मृत्यु भी हो सकती है। इससे बचाव बहुत जरूरी है। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। गर्मी बढ़ने से बच्चों के शरीर के तापमान में तेजी से बदलाव होता है। इस कारण बच्चों को सर्दी जुकाम, बुखार, उल्टी दस्त, पेट दर्द जैसी बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें। दूषित पानी और बासी भोजन से बचें। कुछ भी खाने से पहले हाथ जरूर धोयें। क्योंकि डायरिया पैदा करने वाले विषाणु हाथों के जरिये शरीर में प्रवेश करते हैं। तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें, लू के थपेड़ों से बचने के लिए शरीर को ढक कर रखें, तली-भुनी चीजों को खाने से परहेज करें।
लू लगने के लक्षण
लू लगने के लक्षणों में पीड़ित को तेज बुखार आना, प्यास अधिक लगना, बेहोश होना, चक्कर आना, हाथ-पैर में दर्द होना शामिल हैं। आंखों व हाथ-पैरों के तलवों में जलन होती है। इससे आदमी बेहोश हो सकता है। बहुत अधिक गर्मी और जलन होने से रोगी के शरीर में बेचैनी हो जाती है।
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ऐसे करें बचाव
काम करते समय हल्के सूती व फीके रंग के कपड़े पहनें। काले या गहरे रंग के कपड़े ज्यादा ना पहनें। सिर पर रुमाल या टोपी पहनें, जिससे न केवल सिर का पर बल्कि कान और चेहरे का धूप से बचाव हो सके। छोटे बच्चे और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग अधिकांश समय छांव में ही रहें। धूप में खड़े वाहनों में बैठना उचित नहीं। धूप में निकलते समय छाते का इस्तेमाल करें। बहुत प्यास लगने, सिर चकराने, घबराहट या भ्रम महसूस होने पर छांव में जाएं और पानी पिएं। - डाॅ. रोहित सीएचसी भिनगा
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