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एकेटीयू दीक्षांत: राज्यपाल ने कहा- हमें भारत में बांग्लादेश जैसे हालात नहीं चाहिए, शास्त्र की शिक्षा जरूरी

Tue, 13 Aug 2024 08:19 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 13 Aug 2024 08:19 PM IST
सार

AKTU Convocation: एकेटीयू के दीक्षांत समारोह में बोलते हुए  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हमें भारत में बांग्लादेश जैसे हालात नहीं चाहिए। इसकी शुरुआत अच्छी शिक्षा से होती है। 

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AKTU Convocation: Governor said- We do not want a situation like Bangladesh in India, education of scriptures
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी से हर घर तिरंगा अभियान में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी इस अभियान में शामिल हों और देश की एकता-अखंडता बनाए रखने की शपथ लें। राज्यपाल ने कहा कि हमने अभी बांग्लादेश का हाल देखा है। हमें भारत में ऐसा नहीं चाहिए। हमें अपने बच्चों को शस्त्र नहीं शास्त्र सिखाना है। हमें बच्चों को संस्कार, परंपरा पढ़ाना है।

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वह एकेटीयू के दीक्षांत में मेधावियों को पदक देने के बाद संबोधित कर रहीं थीं। राज्यपाल ने केरल के वायनाड में हुई जान-माल की हानि का जिक्र करते हुए कहा कि हमें पर्यावरण को बचाना है। एक पेड़ मां के नाम लगाना है। हमारे सामने भी ऐसी स्थिति न पैदा हो इसके लिए अभी से चेते। हर व्यक्ति, कॉलेज, छात्र पौधे लगाए और वीसी के मोबाइल पर फोटो भेजे। विवि इसके लिए ऐप विकसित करे, जिसमें पौधरोपण की जानकारी हो।
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राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक रेडीमेट मैटर से पढ़ाई करा रहे हैं। ऐसा न करके वह नया पढ़ें, नई तकनीकी की जानकारी लें और बच्चों को भी इसे पढ़ाएं। तकनीकी संस्थानों को पॉलीटेक्निक, आईटीआई की मेंटरिंग करने का भी निर्देश दिया। केंद्र और प्रदेश के बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने कौशल विकास, नवाचार पर फोकस करने को कहा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की एआई के माध्यम से पेपर तैयार करने की योजना है। इस योजना को प्रभावी बनाएं। उन्होंने विश्वविद्यालय से पिछले पांच साल में दिए गए मेडल, किस जिले और कॉलेज को ज्यादा मेडल मिले, इसकी जानकारी भी देने का निर्देश दिया।
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विवि से पूंछा, नैक कराने में आप सबसे पीछे क्यों रह गए?
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि अभी तक विश्वविद्यालय में नैक नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय से संबद्ध 24 कॉलेजों को नैक मिला है। आपने दूसरों का करवाया और खुद का रह गया। विश्वविद्यालय अपने कॉलेजों को तो इसके लिए ट्रेनिंग दे रहा है लेकिन वह क्यों सबसे पीछे है। आपके पास सबसे बेहतर तकनीकी ज्ञान है। इसके माध्यम से बेहतर तैयारी के साथ नैक कराएं। वहीं उन्होंने स्टार्टअप, ट्रेनिंग और प्लेसमेंट में बेहतर काम करने के लिए विवि को सराहा भी।


मेरठ की झलक जैन को मिला चांसलर स्वर्ण पदक
दीक्षांत समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 47269 छात्रों को डिग्री दी गई। साथ ही 39 स्वर्ण, 27 रजत और 25 कांस्य पदक, कुल (91) पदक मेधावियों को दिए गए। मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीरियरिंग एंड टेक्नोलॉजी मेरठ के बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डाटा साइंस) की छात्रा झलक जैन को कुलाधिपति स्वर्ण दिया गया। उन्हें बीओबी की ओर से 31 हजार का चेक भी दिया गया। कार्यक्रम में 46 छात्रों को पीएचडी अवार्ड की गई। साथ ही छह श्रेणियों में स्टूडेंट स्टार्टअप अवार्ड भी दिया गया। स्कूली बच्चों को बैग आदि सामग्री भी राज्यपाल ने दी।

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