फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   AKTU: 25% seats of colleges reduced due to less than 50% admission

एकेटीयू : 50 फीसदी से कम प्रवेश पर कॉलेजों की 25 फीसदी सीटें कम कीं

Wed, 27 Nov 2024 02:13 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 02:13 AM IST
विज्ञापन
AKTU: 25% seats of colleges reduced due to less than 50% admission
अक्षय कुमार
विज्ञापन


लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने फार्मेसी कॉलेजों में कम प्रवेश पर सख्ती शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने 50 फीसदी से कम प्रवेश वाले कॉलेजों की 25 से 10 फीसदी सीटें कम कर दी हैं। वहीं बिजनौर के एक कॉलेज में जीरो प्रवेश होने पर उनकी सीटें जीरो कर दी हैं। इसके साथ ही संबद्धता अप्रूवल के लिए शासन को भेजा है।

प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में जिस तेजी से फार्मेसी कॉलेज खुले हैं, अपेक्षाकृत प्रवेश साल दर साल कम होते जा रहे हैं। इस साल भी काफी संख्या में नए कॉलेजों ने संबद्धता के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) व एकेटीयू में आवेदन कर रखा है। लगातार बढ़ रही कॉलेजों की संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पिछले तीन साल में हुए प्रवेश की समीक्षा की है।
विज्ञापन


इसमें 50 फीसदी से कम प्रवेश वाले 13 कॉलेजों की 25 फीसदी व इससे कम प्रवेश वाले 33 कॉलेजों की 10 फीसदी सीटें काट दी हैं। जबकि बिजनौर के एक कॉलेज की पूरी सीट जीरो करने की संस्तुति विश्वविद्यालय की संबद्धता समिति ने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वविद्यालय की ओर से अपनी संस्तुति शासन को एप्रूवल के लिए भेजी है। शासन की हरी झंडी के बाद इसी आधार पर वर्तमान सत्र 2024-25 में इन कॉलेजों में प्रवेश लिया जाएगा। वहीं नए सत्र में नए फार्मेसी कॉलेजों को संबद्धता देने पर भी विश्वविद्यालय व शासन के स्तर पर सख्ती की जा रही है। जानकारी के अनुसार पीसीआई से हरी झंडी मिलने के बाद भी स्थानीय स्तर पर इनकी संबद्धता पर संशय बरकरार है।

जल्द शुरू होंगे इस सत्र के प्रवेश

पीसीआई की ओर से काफी देर तक चली संबद्धता प्रक्रिया के कारण अभी तक एकेटीयू से संबद्ध प्रदेश के फार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया नहीं शुरू हुई है। जानकारी के अनुसार शासन स्तर पर संबद्धता को हरी झंडी मिलने के बाद इसी सप्ताह नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि यह सत्र काफी पिछड़ चुका है।


पठन-पाठन की गुणवत्ता पर फोकस
हम संबद्ध कॉलेजों में पठन-पाठन की गुणवत्ता पर फोकस होकर काम कर रहे हैं। यहां नई व आधुनिक तकनीकी से पढ़ाई और युवाओं को रोजगार देने पर जोर है। इसी क्रम में फार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश की समीक्षा कर सीटें कम की गई हैं।
प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति, एकेटीयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed