एक लाख बच्चों को खाना उपलब्ध कराएगा अक्षय पात्र
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देश में उच्च गुणवत्ता का भोजन परोसने को लेकर ख्याति अर्जित कर चुकी अक्षयपात्र संस्था 15 जनवरी से जिले के एक लाख स्कूली बच्चों को मिड डे मील उपलब्ध कराएगी।
इतना ही नहीं बच्चों तक पहुंचाए जाने के दौरान खाना निश्चित तापमान पर गर्म व पौष्टिक बना रहे इसके लिए सभी एक हजार स्कूलों में खाने की सप्लाई को हॉटकेस कंटेनर युक्त भी बनाया जाएगा।
इसमें मोहनलालगंज ब्लाक के 256 नए स्कूल भी शामिल कर लिए गए हैं। यह जानकारी डीएम राजशेखर ने दी। उन्होंने शनिवार को नोटिस के बाद व्यवस्था में आए परिवर्तन को जांचने के लिए संस्था के सरोजनीनगर स्थित भोजनालय व सप्लाई सेंटर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने यहां बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले दाल, चावल, सब्जी व चपाती बनने के कार्य को बारीकी से देखा।
मौके पर उपस्थित संस्था के प्रबंधक ने बताया कि सरोजनीनगर के अमौसी स्थित भोजनालय से 750 परिषदीय विद्यालयों के लगभग 70 हजार बच्चों को दोपहर का भोजन सप्लाई किया जा रहा है।
कुछ माह पहले सप्लाई में आई खामियों की शिकायत के बाद जिला प्रशासन द्वारा जारी नोटिस पर सभी समस्याओं का निस्तारण कर दिया गया है। डीएम के पूछने पर बताया गया कि वर्तमान में तीन सौ स्कूलों में सप्लाई के लिए हॉट केस टिफिन प्रयोग किया जा रहा है।
इस पर डीएम ने सभी एक हजार विद्यालयों में हॉट टिफिन में सप्लाई का निर्देश दिया। संस्था प्रबंधन इसे पूरा करने का आश्वासन दिया।
दूध की जगह बच्चों को मिलेगी खीर
अक्षय पात्रा के अधिकारियों ने डीएम को बताया कि बच्चों को स्कूल में खाने के दौरान गर्म दूध देना सुरक्षित न बन पाने के कारण ही सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखकर सप्ताह में एक दिन खीर देने की अनुमति मांगी है।
प्रस्ताव लंबित होने के कारण ही फिलहाल दूध वितरण भी नहीं हो रहा। इस पर डीएम ने शासन स्तर पर इस मामले का शीघ्र निस्तारण के लिए प्रयास का आश्वासन दिया।
डीएम के अनुरोध पर ‘अक्षय पात्रा’ ने अमौसी गांव के दो परिषदीय स्कूलों को गोद लेने पर सहमति जताई। इसमें एक प्राइमरी और दूसरा जूनियर हाईस्कूल स्तर का होगा।
इन स्कूलों में बच्चों के बीच संचालित होने वाली विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं के साथ विकासपरक कार्य और बच्चों के हितार्थ व प्रयोग में आने वाले निर्माण संस्था ही कराएगी।
इसके लिए 15 दिनों में एक प्रस्ताव के माध्यम से स्कूल में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, खेल उपकरण शिक्षण सामग्री इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का खाका तैयार होगा।