फर्जी आंकड़े गढ़कर वाहवाही लूट रही सरकार: अखिलेश
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव लोकतंत्र के लिए निर्णायक साबित होंगे। जनता संकटों में घिरती जा रही हैं। बेरोजगारी से नौजवानों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। किसान बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। भाजपा सरकार झूठे आंकड़े गढ़कर वाहवाही लूटने में लगी है।
अखिलेश यादव से से शुक्रवार को सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भेंटकर अपनी समस्याएं बताईं और राजनीतिक हालात की जानकारी दी। सपा अध्यक्ष ने उनसे कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। अपराधी निरंकुश हो गए हैं। अपहरण-बलात्कार की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। बच्चियों, छात्राओं तक का मान-सम्मान नहीं बच रहा है। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।
मुख्यमंत्री फर्जी आंकड़े गढ़कर उपलब्धियों की थोथी वाह-वाही बटोर रहे हैं। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोगों को हर तरफ हरा-हरा ही दिख रहा है। किसान को फसल का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। उनकी आय दोगनी करने का दावा जुमला बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, संभल, मुरादाबाद सहित पूरे पश्चिमी यूपी में भारी ओलावृष्टि हुई है लेकिन किसान के दर्द को समझने की फुर्सत और चिंता भाजपा सरकार को नहीं होगी। उसकी दृष्टि तो कारपोरेट घराने के मुनाफे पर ही रहती है।
नाबालिग बहनों से दुष्कर्म व हत्या का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले
इलाहाबाद के थाना नवाबगंज के जूडापुर के दंपति के साथ उनकी बेटी व बेटे ने अखिलेश से मुलाकात की। दंपति ने बताया कि उनकी दो नाबालिग बेटियों से दुष्कर्म के साथ शव शत-विक्षत कर दिए गए थे। अभियुक्त अब उनके परिवार को धमकियां दे रहे हैं। अधिकारी कह रहे है अपनी सुरक्षा स्वयं करें। उन्होंने शिकायत की कि मुख्यमंत्री ने जो आश्वासन दिए थे वे पूरे नहीं हुए। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए। उन्हें स्थायी आवास, नौकरी व 50 लाख मुआवजा दिया जाए।