अखिलेश ने किसे दी पतली रोटी बनाने की सलाह?
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सोमवार दोपहर अचानक ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक आदर्श गांव में निरीक्षण करने पहुंच गए। वो मोहनलालगंज में आदर्श गांव बशिंडा में अपनी टीम के साथ पहुंचे।
सीएम को अचानक बशिंडा गांव में देखकर वहां पुलिस महकमे के आला अधिकारियों में अफरातफरी मच गई।
अखिलेश इस आदर्श गांव में सोलर लाइट, शिक्षा व्यवस्था, शौचालय आदि का इंतजाम देखने पहुंचे थे। यहां सीएम ने मिड डे मील भी खाया। स्कूल में उपस्थित मिले बच्चों को सीएम ने 100-100 रुपए भी दिए।
एक घर में बैठकर अखिलेश ने रोटी के दो निवाले खाए। रोटी मोटी होने की वजह से अखिलेश ने ग्रामीण महिला को पतली रोटी बनाने की सलाह दे डाली।
सीएम के साथ इस निरीक्षण में शिवपाल यादव भी मौजूद रहे। बशिंडा गांव में करीब 50 मिनट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री राजधानी को लौट आए।
बशिंडा गांव में ये सब किया अखिलेश ने
बंशिडा गांव लोहिया आवास भी रहा है। इस गांव को आदर्श गांव का दर्जा मिला है।
सीएम यहां देखना चाहते थे कि जो सुविधाएं सरकार दे रही है वो गांव तक पहुंच रही हैं या नहीं।
सीएम ने सबसे पहले गांव में बिजली देने वाले सोलर पैनल की जांच की। ये पैनल उनके मानकों में खरा नहीं उतरा। इसमें खराबी भी पाई गई।
उसके बाद अखिलेश ने पूछा कि गांव में लैपटॉप किस-किस को मिला है? एक लड़की के पास लैपटॉप तो था मगर वो उसको चलाने में सक्षम नहीं थी।
इसके बाद अखिलेश गांव की शिक्षा का स्तर देखने गांव के प्राइमरी स्कूल में पहुंचे। वहां के बच्चों से बात की। उनसे कविताएं और एबीसीडी, पहाड़े भी सुने। गांव की कक्षा में उन्हे 104 में से सिर्फ 44 छात्र ही उपस्थित मिले।
स्कूल में पांचों शिक्षक उपस्थित थे। अखिलेश ने शिक्षकों को परखने के लिए उनसे भी सवाल-जवाब किए। उन्होंने गांव वालों से उनकी समस्याएं भी जाननी चाही।