अखिलेश बोले, मुझे पूरा विश्वास है नेताजी साइकिल के लिए ही वोट मांगेंगे
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि उनसे नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की नाराजगी का कोई कारण नहीं है। कहा, साइकिल नेताजी की है। इसके लिए वे हमसे कई गुना चिंतित थे। मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि वह साइकिल के लिए वोट मांगेंगे। उन्होंने अभी भी परिवार और अपनों के साथ झगड़े से इन्कार किया।
राजधानी में एक कार्यक्रम में अखिलेश ने कहा कि नेताजी ने पार्टी के लिए प्रचार न करने की बाद किस संदर्भ में कही, कोई नहीं जानता। सपा से जुड़ी ऐसी खबरें बढ़-चढ़कर लिखी जाती हैं। नेताजी हमारी पार्टी के सबसे बड़े नेता हैं। उनका हम पर आशीर्वाद है, वह मदद करेंगे। नेताजी से बात होती रहती है।
मेरा मानना है कि सपा के आंदोलन को बढ़ाने वाला कोई भी आदमी साइकिल वालों के खिलाफ नहीं जाएगा। कहा कि लड़ाई परिवार और अपनों के बीच नहीं है, लड़ाई इसलिए है कि समाजवादी आंदोलन को कैसे बढ़ाया जाए। नेताजी का स्थान हमेशा बना रहेगा। नेताजी के गुस्से पर कहा कि उम्र में जो भी बड़ा है, उसे गुस्सा करने का अधिकार है।
शायद उनका गुस्सा इस बात के लिए हो कि सपा कैसे चुनाव जीते? क्या नेताजी का गुस्सा मिलीभगत है? इस पर सीएम ने कहा कि आप जो चाहे सोचिए। 30-35 दिन का चुनाव बचा है। हमारा एक ही लक्ष्य है कि फिर सरकार बने। कांग्रेस साथ आई है तो भरोसा बढ़ा है। सपा और कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। सरकार बनाने को लेकर कनफ्यूजन अब दूर हो गया है।
सपा में बोलने की आजादी, शिवपाल पर कार्रवाई नहीं
शिवपाल यादव द्वारा 11 मार्च के बाद नई पार्टी बनाने की बात किए जाने और अपने लोगों के पक्ष में प्रचार के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि सपा में लोकतंत्र है। पूरी आजादी है कि आप क्या करना चाहते हैं, किसके समर्थन में जाते हैं।
सपा के लोग किसी बहकावे में आकर पार्टी के खिलाफ प्रचार में नहीं जाएंगे। एक भी कार्यकर्ता, नेता साइकिल के खिलाफ नहीं जाएगा। उन्होंने शिवपाल के बयान पर किसी तरह की कार्रवाई से इन्कार किया। कहा, हम सिर्फ इस बात के लिए काम कर रहे हैं कि बहुमत की सरकार बने। हालांकि इशारों ही इशारों में उन्होंने शिवपाल पर तंज भी कसा।
कहा, कुछ लोग विरोध भी करना चाहें तो उन्हें अगले चुनाव का इंतजार करना होगा। पहले चरण का चुनाव करीब है, दूसरे और तीसरे चरण के नामांकन हो चुके हैं। जो विरोध की सोच रखते हैं, उन्होंने देरी कर दी। उनकी बात अब सिर्फ न्यूज हेडलाइंस के लिए हैं।
मेरा सपना यूपी है, दिल्ली देखने से यूपी गड़बड़ा जाएगा
एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा कि मेरा सपना यूपी का है। जो यूपी में रहेगा, उसे ज्यादा समय मिलेगा। प्रधानमंत्री के पद पर नजर के सवाल पर कहा कि दिल्ली देखने से यूपी गड़बड़ा जाएगा। बस यही लक्ष्य है, 2017 में गठबंधन की सरकार बने। उन्होंने माना कि गठबंधन में दोनों के युवा होने का लाभ मिलेगा। दोनों को लंबे समय तक राजनीति करनी है।
पीएम पद पर समर्थन के लिए राहुल से बात कर लूंगा
क्या 2019 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए उनके साथ खड़े होंगे, इस सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इस मुद्दे पर मैं राहुल से व्यक्तिगत बात कर लूंगा। जब 2019 का चुनाव आएगा तो जानकारी हो जाएगी। फिलहाल 2017 के चुनाव है। इसी से तय होगा कि देश किस दिशा में जाएगा।
राहुल उनसे बेहतर, जो बोलते ज्यादा है, करते कम है
राहुल क्यों उनकी तरह धारा प्रवाह नहीं बोल पाते? इस पर अखिलेश ने कहा कि मैं इस पर क्यों टिप्पणी करूं। उन्होंने देश, दुनिया देखी है, वक्त आएगा तो वह बताएंगे। वह उनसे बेहतर हैं जो बोलते ज्यादा है लेकिन काम नहीं करते।
उनके अच्छे दिनों को लोग ढूंढ रहे हैं, सफाई को ढूढ रहे हैं। तीन साल का समय निकाल दिया, अर्थव्यवस्था को पीछे धकेल दिया। हो सकता है कि बुधवार को बजट में गुमराह करने के लिए कुछ अच्छी बात कहें।
कम उम्र, नई सोच के लोग जुड़े हैं, नया करेंगे
अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस से गठबंधन के लिए कैसे बातचीत शुरू हुई, यह नहीं बताऊंगा वरना कुछ लोग झगड़ा लगा देंगे। उन्हें प्रियंका-डिंपल के एक साथ प्रचार करने की खबरों पर चुटकी ली।
कहा, यह खबर ऐसे सूत्र के आधार पर बनी है जो है ही नहीं। कहा कि स्वाभाविक है कि सांसद होने के नाते डिंपल पार्टी के लिए प्रचार करेंगी। कहा कि इस गठबंधन से कोई डूबने वाला नहीं है। यह पक्का गठबंधन है।
दो दल, कम उम्र और नई सोच के लोग जुड़े हैं और नई सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। मैने हमेशा कहा है कि हम अकेले सरकार बनाएंगे लेकिन गठबंधन हुआ तो 300 से ज्यादा जीतेंगे। सरकार को 202 विधायकों से भी बन जाएगी लेकिन अच्छे दिन वालों को डराने के लिए 300 का आंकड़ा जरूरी है।
लोहिया ने कांग्रेस छोड़ी, हम फिर जुड़ गए
अखिलेश ने कहा, हम विचारधारा से भटके नहीं हैं। डॉ. लोहिया ने कांग्रेस से निकलकर समाजवादी आंदोलन को बढ़ाया था। कहा था कि कांग्रेस जब सबसे कमजोर होगी तब समाजवादियों की सबसे अच्छी दोस्त होगी। लोहिया ने कांग्रेस छोड़ी, हम सांप्रदायिक ताकतों को यूपी से भगाने के लिए फिर उससे जुड़े हैं।
जमीन हड़पने का एक उदाहरण को बताती भाजपा
अखिलेश ने कहा कि भाजपा के लोग बोलते ज्यादा है। वे जमीन हड़पने के आरोप लगाते हैं। मैने खुद उनसे कहा कि जमीन हड़पने की जानकारी दें दें, कार्रवाई कराएंगे। आज तक एक भी सूचना दी हो तो बताएं। उनके पास कोई आंकड़ा ही नहीं है। उनका काम केवल आरोप लगाना है।
साइंस का स्टूडेंट रहा हूं, तंत्र-मंत्र में भरोसा नहीं
एक सवाल के जवाब में अखिलेश ने कहा, मैं साइंस का स्टूडेंट रहा हूं। तंत्र-मंत्र में मेरा भरोसा नहीं है। किसी ने मुझ पर तंत्र-मंत्र नहीं किया। हो सकता है कि अपनी शांति के लिए किसी ने तंत्र-मंत्र कराया हो।
कहा, नोटबंदी के जमाने में तो तंत्र-मंत्र करने वाले भी परेशान हैं। हो सकता है कि तंत्र-मंत्र होता हो लेकिन हमारा विश्वास है कि जिस दुनिया में रहते हैं, उसके बाद भी कोई दुनिया है।
किसानों की मदद के लिए बजट से कोष बनाएंगे
अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर किसानों की मदद के लिए अलग से फंड बनाएंगे। बजट में इसकी व्यवस्था करेंगे। इससे छोटे, गरीब किसानों की समस्याओं, बिजली बिल आदि में सहायता की जाएगी।
पांच साल सीखने में लगे, अब ज्यादा तेजी से काम करेंगे
अखिलेश ने कहा कि पांच साल सीखने में लगे कि काम को कैसे जमीन पर उतारा जाता है, दबाव में कैसे काम किया जाता है, प्रशासनिक अनुभव मिला है। जनता दोबारा मौका देगी तो इससे ज्यादा काम करेंगे। अब सीखने का नहीं, ज्यादा तेजी से काम करने का समय आएगा।
कुछ नहीं चाहते थे यूपी-100 शुरू हो
अखिलेश ने कहा कि कुछ अफसर नहीं चाहते थे कि यूपी 100 शुरू हो। इसकी वजह ये है कि यूपी-100 बहुत पारदर्शी सिस्टम है। इसमें शिकायत करने वाले की आवाज रिकॉर्ड हो जाती है। इससे जवाबदेही तय होती है। कार्रवाई न करने पर कार्रवाई हो सकती है। कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर भरोसे के लिए यह बहुत बड़ा फैसला है।
राहुल ने माया नहीं कांशीराम की तारीफ की
राहुल गांधी द्वारा संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में मायावती की तारीफ किए जाने पर उन्होंने कहा कि राहुल ने कांशीराम की तारीफ की थी।