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जासूसी कांड: अखिलेश बोले- ये एक लोकतांत्रिक अपराध है, मायावती ने कहा- स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच करवाई जाए

Tue, 20 Jul 2021 12:45 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 20 Jul 2021 12:45 PM IST
सार

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि पेगासस जासूसी कांड में  केंद्र की बार-बार सफाई लोगों के गले नहीं उतर रही है। सरकार व देश की भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए ताकि आगे की जिम्मेदारी तय की जा सके।

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Akhilesh Yadav speaks on pegasus spyware case.
मायावती व अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala

विस्तार

पेगासस जासूसी कांड पर संसद में हंगामा जारी है। इसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र पर सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने इसे लोकतांत्रिक अपराध बताया तो मायावती ने कहा कि यह अति गंभीर व खतरनाक मामला है।

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अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि फोन की जासूसी करवाकर लोगों की व्यक्तिगत बातों को सुनना 'निजता के अधिकार' का घोर उल्लंघन है। अगर ये काम भाजपा करवा रही है तो ये दंडनीय है और अगर भाजपा सरकार ये कहती है कि उसे इसकी जानकारी नहीं है तो ये राष्ट्रीय सुरक्षा पर उसकी नाकामी है। फोन-जासूसी एक लोकतांत्रिक अपराध है।
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वहीं, मायावती ने ट्विटर के जरिये कहा है कि जासूसी का गंदा खेल व ब्लैकमेल कोई नई बात नहीं है किंतु महंगे उपकरणों से निजता भंग करके मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, अफसरों व पत्रकारों आदि की सूक्ष्म जासूसी कराना अति गंभीर व खतरनाक मामला है। इसका भंडाफोड़ होने से देश में खलबली मची है। उन्होंने कहा है कि इसके संबंध में केंद्र की बार-बार सफाई लोगों के गले नहीं उतर रही है। सरकार व देश की भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता से स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि आगे की जिम्मेदारी तय की जा सके।


बता दें कि नेताओं, पत्रकारों व अन्य लोगों की जासूसी की रिपोर्ट आने के बाद देश में हंगामा मचा हुआ है। मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद में हंगामा होता रहा और कोई कार्यवाही नहीं हो सकी वहीं, दूसरे दिन मंगलवार को कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया।

दरअसल, कल आई रिपोर्ट से पता चला कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई सहित कई हाईप्रोफाइल लोगों के फोन टैप किए जा रहे थे। विपक्ष ने सरकार ने जवाब मांगा है जिस पर सरकार का कहना है कि यह देश को बदनाम करने की साजिश है।

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