नया कानून बनाकर शिक्षामित्रों का समायोजन करे योगी सरकार: अखिलेश यादव
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समायोजन रद्द होने से 1.72 लाख शिक्षामित्रों की रोजी-रोटी पर आए संकट पर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने योगी सरकार से नया कानून बनाकर उनके समायोजन की मांग की है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को अयोध्या के पूराबाजार क्षेत्र के मड़ना स्थित एक निजी विद्यालय में पूर्व विधायक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजबली यादव की 18वीं पुण्यतिथि पर आयोजित देश बचाओ, देश बनाओ सम्मेलन एवं प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि कि हमने तो शिक्षामित्रों को नौकरी दी और भाजपा ने उनके कपड़े उतरवा लिए। आज प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है, नया कानून बनाकर शिक्षामित्रों का समायोजन करना चाहिए।
अखिलेश ने कहा कि गुमराह करके सत्ता में आई भाजपा सरकार से जनता अब महज चार माह में ऊब चुकी है। भाजपा नेता जनता के बीच जाने से डर रहे हैं, जनता इनका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है, इसी वजह से भाजपाई अब एमएलसी तोड़ रहे हैं। गुजरात की जनता ने तो थोड़ा-बहुत हिसाब-किताब कर दिया है अब यहां की बारी है।
अखिलेश बोले, भाजपाइयों के झूठ का कोई मुकाबला नहीं कर सकता
अखिलेश बोले, अभी चुनाव हारे हैं लेकिन सपाइयों के चेहरे पर कहीं शिकस्त का भाव नहीं दिख रहा है। हम अगली लड़ाई जीतने का हौसला रखते हैं।
भाजपा को डर है कि उपचुनाव कराने पर उसे अपनी फेल नीतियों के कारण करारी शिकस्त का सामना करना पड़ेगा, इसलिए वे तमाम तरह के प्रलोभन देकर एमएलसी तोड़ रहे हैं, भाजपाइयों के झूठ का कोई भी मुकाबला नहीं कर सकता है।
अखिलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन सपा सरकार में की गई 30 हजार दरोगा भर्तियों को भी रोक दिया है, डेढ़ लाख पद रिक्त होने की बात तो कह रहे हैं लेकिन भर्ती नहीं कर रहे हैं, जिससे हमारे प्रदेश के नौजवान बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
अखिलेश ने कहा कि सरकार बनने के भाजपा ने भूमाफिया पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था और सबसे पहले भूमाफिया बुक्कल नवाब को उठाकर भाजपा का चोला पहना दिया। भाजपा स्वयं हिंदू मुसलमान के नाम पर राजनीति करके सत्ता हासिल करती है और स्वयं ही सांप्रदायिक ताकतों से सावधान रहने के लिए अखबारों में विज्ञापन छपवाते हैं।