अखिलेश ने मिलाया मायावती के सुर में सुर, बोले- बसपा डरकर फैसला नहीं लेती
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती की तरफदारी की और कांग्रेस को बड़ा दिल दिखाने की नसीहत दी। तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के संबंध में अखिलेश ने कहा कि, कांग्रेस को समान विचारधारा वाले दलों को साथ लेकर चलना चाहिए।
सपा मुख्यालय में मीडियाकर्मियों से अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस अच्छी पार्टी है, उसे दिल बड़ा करना चाहिए। उनका इशारा मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों की तरफ था। उन्होंने कहा कि गठबंधन की जिम्मेदारी कांग्रेस की है। उसे समान विचारधारा के दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ना चाहिए। देर हो जाएगी तो दूसरे दल भी अपने प्रत्याशी घोषित कर देंगे। सीबीआई से डरकर बसपा के गठबंधन न करने संबंधी दिग्विजय सिंह के बयान पर उन्होंने कहा, मै इतना जानता हूं कि बसपा किसी के डर से फैसला नहीं लेती।
हम चाहते हैं गठबंधन हो। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व राजस्थान में हमारी ताकत उतनी नहीं है। हमारी पार्टी तभी राष्ट्रीय बनेगी जब दूसरे दलों से गठबंधन करके चुनाव लड़ें।
अखिलेश ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, किसानों को धोखा दिया जा रहा है। गांधी व शास्त्री जयंती पर किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताना चाहिए कि गन्ना किसानों का कितना बकाया है।
ललितपुर में एसडीएम ने गोली इसलिए मार ली क्योंकि उस पर दबाव था। विवेक तिवारी हत्याकांड की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कोई गाड़ी न रोके तो उसे गोली मार दो। क्या यही गवर्नेंस है? पूर्व सीएम ने कहा कि चीन से दोस्ती कर ली, पाकिस्तान से डर बता रहे हैं। लोगों को बता दिया कि डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है, उन्होंने पूछा कि कहां बन रहा है ?
सुधा सिंह को नौकरी मिलनी चाहिए
अखिलेश ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान दिया जाना चाहिए। सुधा सिंह को नौकरी मिलनी चाहिए। पहले यश भारती सम्मान मिल रहा था, प्रदेश सरकार ने वह भी छीन लिया। संघ-भाजपा के पीछे उद्योगपति हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, उन्हीं की सबसे बड़ी प्रतिमा बना रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यूपी से जो लोहा एकत्र हुआ था, वह कहां गया।