गठबंधन की घोषणा के बाद चुनाव से पहले ही डर गई है भाजपा: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा का नेतृत्व मुंगेरी लाल के हसीन सपनों में खोया हुआ है। ऐसे में भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी यूपी की कुल 80 सीटों में से 82 पर जीतने का दावा करें तो क्या आश्चर्य? भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद प्रभारी को इसलिए यूपी भेजा गया कि कम से कम एक सीट तो बचा ली जाए।
अखिलेश ने अपने बयान में कहा कि जबसे गठबंधन की घोषणा हुई है, भाजपा का शीर्ष नेतृत्व तय नहीं कर पा रहा है कि प्रदेश में उनकी स्थिति कहां और कैसी रहेगी? चुनाव पूर्व ही भाजपा को पराजय का डर सताने लगा है।
भाजपा नेतृत्व भली-भांति समझ रहा है कि सरकारों की हर मोर्चे पर विफलता के चलते चुनाव जीतने की कैसे उम्मीद करें? किसानों के हित में भाजपा ने कोई काम नहीं किया है तो किसान उन्हें दोबारा क्यों चुनेंगे?
'जब नौकरी नहीं मिली तो युवा अपना वोट भाजपा को देकर बेकार क्यों करेंगे'
अखिलेश ने कहा, नौजवानों को रोजगार नहीं मिला तो वे अपना वोट भाजपा को देकर क्यों व्यर्थ करेंगे? इसी तरह महिलाओं, व्यापारियों, श्रमिकों और गरीबों के हित के लिए भी जब कुछ नहीं किया गया तो भाजपा को इनसे वोट की आशा क्यों करनी चाहिए?
सपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा राज में किसानों की आत्महत्याएं जारी हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। अपराधी बेखौफ हैं। महंगाई और भ्रष्टाचार में वृद्धि रुकी नहीं। भाजपा ने चुनावी वादों पर जनता से जो छल किया है, उससे जनता अब उनको फिर कोई मौका देने को तैयार नहीं है।