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अखिलेश बोले: छात्रों को न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई, संसद में सुनी जाती बात तो पीएम आवास न जाते

Wed, 22 Jul 2026 08:49 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 22 Jul 2026 08:49 PM IST
सार

Students protest against NEET:सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों के न्याय के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए पार्टी संघर्ष करती रहेगी। 

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Akhilesh yadav said The fight will continue until the students get justice
संसद परिसर में राहुल गांधी के साथ अखिलेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पेपर लीक, छात्रों के उत्पीड़न और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ बुधवार को समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों के सांसदों के साथ संसद के मकर द्वार पर विरोध-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि छात्रों के न्याय के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी।

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उन्होंने कहा कि छात्र-नौजवान और उनके परिवार के लोग पेपर लीक और सरकार के अहंकारी रवैये के खिलाफ है। छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे है। आखिर क्या दबाव है कि सरकार मंत्री को नहीं हटा पा रही है। क्या मंत्री के पास सरकार का कोई राज छिपा है, जो इस्तीफे के बाद सामने आ जाएगा।
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अखिलेश यादव ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में छात्रों को न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में देश में अब तक 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए है। अकेले यूपी में 20 से ज्यादा पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि विपक्ष और छात्र-नौजवानों की मांगे एक है। पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो, उसके बाद बातचीत और चर्चा हो, छात्रों के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ उस पर सरकार जवाब दे।
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संसद में सुनी जाती, तो पीएम आवास तक न जाते
अखिलेश यादव ने संसद में अपनी बात रखते हुए कहा कि यह मुद्दा किसी पार्टी का नहीं छात्रों, युवाओं और नौजवानों का है। छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो वे सड़कों पर आएंगे। उनके साथ जो व्यवहार हुआ है, उसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। मंत्री का इस्तीफा तो सरकार जब चाहेगी, तब हो जाएगा। लेकिन सरकार ने छात्रों के साथ जो व्यवहार किया है उसका क्या होगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि हम मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास गए थे। अगर संसद में हमारी बात सुन ली जाती तो नहीं जाते। क्या प्रधानमंत्री संसद में बयान नहीं दे सकते है। प्रधानमंत्री बाहर बोलते है, तो संसद में क्यों नहीं बोलते हैं।

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