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अखिलेश यादव बोले: नोटिस बोर्ड पर चस्पा किए जाएं मतदाता सूची में संशोधन प्रस्ताव, पारदर्शी हो वोटर लिस्ट

Mon, 10 Aug 2026 09:46 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 10 Aug 2026 09:46 PM IST
सार

Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख यादव ने राज्य चुनाव आयोग से मांग की है कि मतदाता सूची के संशोधन प्रस्ताव नोटिस बोर्ड में चिपकाए जाएं। 

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Akhilesh Yadav said: Proposals for amendments to the voter list should be posted on notice boards, the voter l
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। -अमर उजाला

विस्तार

सपा अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मांग की है कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने (फॉर्म-6), नाम काटने (फॉर्म-7) और संशोधन (फॉर्म-8) के लिए ईआरओ को प्राप्त होने वाले फॉर्म नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएं। अखिलेश यादव की ओर से यह ज्ञापन सोमवार को लखनऊ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा गया।

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ज्ञापन में कहा गया है कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के 1 लाख 77 हजार 516 मतदेय स्थलों पर ये फार्म जमा होते हैं। फार्म 6 नाम जोड़ने, फार्म 7 नाम काटने और फार्म 8 संशोधन या परिवर्तन के लिए होते हैं। इन फार्मों की एक प्रति ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर सात दिनों तक प्रदर्शित करना अनिवार्य है। इससे सात दिनों के भीतर आपत्तियां दाखिल की जा सकें।
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भारत निर्वाचन आयोग के मैनुअल ऑन इलेक्टोरल रोल्स मार्च-2023 में भी यह नियम दिया गया है। 

मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को हुआ था। 11 अप्रैल से प्रतिदिन ये फार्म जमा हो रहे हैं। नाम जोड़ने और काटने के लिए बड़ी संख्या में फार्म 6 और 7 जमा हुए हैं। सपा का कहना है कि एक-एक नाम की सत्यता की जांच बहुत जरूरी है। इससे मतदाता सूची पारदर्शी और त्रुटिहीन बन सकेगी।
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यहां बता दें कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में ईआरओ के यहां ये फॉर्म आ रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि ईआरओ इन फार्मों को अपने नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। सपा ने आरोप लगाया है कि भारत निर्वाचन आयोग इस पर मूकदर्शक बना हुआ है। सपा अध्यक्ष की ओर से ज्ञापन प्रदेश सचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने सौंपा।

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