लोकतंत्र खतरे में, बचाने के लिए एकजुट हों : अखिलेश यादव
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकतंत्र को खतरे में बताकर इसे बचाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है। वह सोमवार को लोकबंधु राजनारायण की 32वीं पुण्यतिथि पर सपा मुख्यालय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
अखिलेश ने कहा कि अन्याय के विरुद्ध राजनारायण आजीवन संघर्ष करते रहे। उनका जीवन फक्कड़ था। नई पीढ़ी के नेता उनसे सीखे और उनके रास्ते पर चलने का संकल्प लें। मौजूदा केंद्र व प्रदेश सरकार जनता के हितों के विरुद्ध कार्य कर रही हैं।
इस सरकार में किसान, नौजवान और गरीब सभी बर्बाद हैं। महंगाई की मार से त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि भाजपाई जातीय नफरत फैला रहे हैं। मुख्यमंत्री की भाषा लोकतंत्र में मर्यादित होनी चाहिए लेकिन वह ठोकों की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज का बंटवारा होने से खुशहाली नहीं आएगी।
सपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा की आर्थिक नीतियों ने देश के बाजार को बर्बाद कर दिया है। स्वदेशी की बात करने वालों के समय भारत के बाजार चीन के सामान से पटे पड़े हैं। भाजपा कारोबारियों की दुश्मन है और वैचारिक प्रदूषण फैलाने में लगी है। उसकी इन साजिशों से सावधान रहने की जरूरत है।
अखिलेश ने जनगणना के आधार पर आनुपातिक हक और सम्मान देने की मांग की। इससे एक दूसरे के प्रति घृणा नहीं होगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी, मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष रामगोपाल पुरी, पूर्व मंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह, एमएलसी एसआरएस यादव, अरविंद कुमार सिंह मौजूद रहे।
अच्छा होता, रिवर फ्रंट पर जुमला पार्क बना देते
अखिलेश ने कहा, भाजपा ने नमामि गंगे नारे से जनता को धोखा दिया। गंगा निर्मल नहीं हुई। समाजवादी सरकार में गोमती की सफाई हुई थी। भाजपा ने रिवरफ्रंट को बांटकर नौ नए नाम दे दिए। अच्छा होता कि वे 10वां जुमला पार्क भी बना देते। भाजपा ने किया कुछ नहीं बस समाजवादी सरकार के कामों पर अपनी मुहर लगाई है। सपा सरकार ने लखनऊ में मेट्रो चला दी। कानपुर में चलने को थी तो भाजपा ने रोक दिया। झांसी व गोरखपुर में मेट्रो अब चलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में इकाना जैसे 10 विश्वस्तरीय स्टेडियम बनाए जाएंगे।