एयरपोर्ट पर रोके जाने पर अखिलेश ने योगी पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- मेरे घर की रेकी की गई
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में जाते समय लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने पर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ के सपा मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए प्रदेश की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
अखिलेश ने कहा कि मैंने 27 दिसंबर को ही कार्यक्रम भेज दिया था जिससे कि प्रशासन को जो भी तैयारियां करनी हैं कर ली जाएं, लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं थी। सरकार नहीं चाहती कि मैं छात्रों से मिलूं। इसलिए मुझे जाने से रोक दिया गया। मेरे घर की रेकी करवाई गई और जब मैं एयरपोर्ट पहुंचा तो वहां पुलिस का अधिकारी मौजूद था। जबकि एयरपोर्ट पर पुलिसकर्मियों को जाने की अनुमति नहीं है। वहां की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी अन्य फोर्स की होती है।
अखिलेश ने कहा कि सच ये है कि सरकार छात्रों से डर गई है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चुनाव को सरकार अपने खुद के चुनाव की तरह ले रही थी और सरकार के मंत्री व नेता इसमें शामिल थे। जब भी मुख्यमंत्री योगी विश्विद्यालय जाते होंगे तो छात्रों से किसी भी कीमत में चुनाव न हारने की बात कहते होंगे। इसके बाद भी जब चुनाव हार गए तो छात्रसंघ के अध्यक्ष के हॉस्टल में आग लगवा दी। यहां तक कि जब कार्यक्रम होने वाला था तब मंच के करीब बम फेंके गए। अखिलेश ने कहा कि अगर ये सब सरकार की मिलीभगत से हुआ। इसलिए आग लगाने व बम फेंकने वालों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।
हिंसा होने की बात से किया इंकार, कहा- मुख्यमंत्री खुद हिंसा करवाने वाले
अखिलेश यादव ने इन आरोपों से इंकार किया कि उनके इलाहाबाद विश्वविद्यालय जाने से हिंसा भड़क सकती थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ही हिंसा करवाने वाले हैं। अफसरों ने हिंसा करना उन्हीं से सीखा है।
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर लगी आपराधिक धाराओं की तख्ती दिखाते हुए कहा कि ये देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन पर इतनी सारी धाराएं लगी हुई हैं और इन्होंने अपनी धाराएं खुद हटवा ली हैं।
अखिलेश ने कहा कि इस मामले में मेरा पूरा रिकॉर्ड साफ है। मेरे ऊपर एक भी धारा नहीं लगी है। उन्होंने योगी की भाषा पर भी आपत्ति जताई।
अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे व्यवहार के लिए उन्हें भी तैयार रहना चाहिए, उनके साथ भी ऐसा हो सकता है।