लखनऊ: जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश ने अर्पित की श्रद्धांजलि, बोले-पैसों की खनक के आगे बेच दिया गया सेंटर
जयप्रकाश नारायण की जयंती पर अखिलेश यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर सपा मुखिया ने जेपीएनआईसी में लोकनायक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) पहुंचे। यहां उन्होंने जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने जेपीएनआईसी की स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कहा कि पैसों की खनक के आगे सेंटर बेच दिया गया। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का दावा करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
जेपीएनआईसी के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अखिलेश यादव के पहुंचने से पहले जेपीएनआईसी के मुख्य गेट को टीन की चादरों से ढक दिया गया था। परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई थी और पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात रहे। उन्होंने केंद्र की स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इसे कितने रुपये में बेचा गया होगा।
उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के योगदान को याद करते हुए कहा कि जेपी हमेशा दबे-कुचले लोगों के अधिकारों के लिए खड़े रहे। अखिलेश ने कहा कि जनता को जितनी पीड़ा होगी, बदलाव उतनी ही तेजी से आएगा।
2027 में सत्ता परिवर्तन का दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बदलाव होगा और इसकी शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने पवन सिंह का जिक्र किया। कहा कि पवन की हवा में अहंकारी लोग टिक नहीं पाएंगे।भाजपा में टिकट वितरण को लेकर सवाल उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को भी टिकट के लिए पार्टी के नेताओं के बीच लाइन में लगना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री खुद टिकट बांटते हैं और क्या वह दूसरे नेताओं का टिकट पक्का करा सकते हैं। भाजपा पर अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सब समझ चुकी है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की जिम्मेदारी अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करना है। आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान लोगों को वोट डालने से रोका जाता है। दिल्ली में उत्तर प्रदेश के लोगों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया। इस दौरान उन्होंने हिटलर के शासन का जिक्र करते हुए मौजूदा हालात पर टिप्पणी की और चुनाव आयोग से इस्तीफे की मांग की।पार्किंग और निर्माण कार्यों का किया जिक्र
जेपीएनआईसी को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया कि क्या प्रदेश में इस तरह की कोई दूसरी इमारत है। उन्होंने केंद्र में बने हेलीपैड और करीब 1200 गाड़ियों की पार्किंग का जिक्र किया। एयरपोर्ट से तुलना करते हुए 800 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी सामने रखा। इसके साथ ही जेपीएनआईसी के ठेकेदारों और निर्माण कार्यों के भुगतान को लेकर सवाल उठाए।रिवरफ्रंट और जलभराव पर सरकार को घेरा
लखनऊ में जलभराव की समस्या को लेकर अखिलेश यादव ने रिवरफ्रंट और पलासियो क्षेत्र का उल्लेख किया। कहा कि पहले उन्होंने रिवरफ्रंट की तारीफ की थी, लेकिन अब वहां जलभराव की स्थिति सामने आई है। नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और सिंचाई विभाग के बीच तालमेल की कमी है।अखिलेश ने कहा कि विभागीय अधिकारी यह आकलन नहीं कर पा रहे हैं कि किस क्षेत्र का पानी कहां जाएगा और उसकी निकासी कैसे होगी। उन्होंने बंधों के निर्माण, नालों और पुलों की डिजाइन तथा गेट खोले जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। कहा कि गेट खोलने का फैसला मुख्यमंत्री के आदेश पर हुआ था और नाले तथा पुल की डिजाइन में खामियां हैं।