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अखिलेश बोले, 'हमने खत्म किए बेकार कानून'

Sun, 07 Feb 2016 03:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 07 Feb 2016 03:21 AM IST
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Akhilesh Yadav inaugrates rajasav sanhita.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधते हुए कहा है कि कुछ लोग कहते थे कि वे अनुपयोगी कानून खत्म कर चीजें आसान करेंगे। पर,उन्होंने कितने कानून खत्म किए? कितनी चीजें आसान की?

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हमने यह करके दिखाया है। राजस्व संहिता बनाकर 39 अनुपयोगी कानूनों को खत्म किया। यह ऐतिहासिक फैसला है और इसका फायदा गरीबों, किसानों और आम लोगों को मिलेगा।
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मुख्यमंत्री शनिवार को अपने सरकारी आवास पर ‘राजस्व संहिता’ के विमोचन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नई राजस्व संहिता को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और लखनऊ मेट्रो की तरह ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया।
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उन्होंने कहा कि राजस्व संहिता बनाने का काम ‘नेता जी’ (मुलायम सिंह यादव) ने 2006 में शुरू किया था। इसे वह पूरा कर रहे हैं। इससे आम लोगों को कचहरी की अनावश्यक दौड़-धूप से छुट्टी मिलेगी। बुंदेलखंड में असामियों की भूमिधरी को लेकर लोग सवाल उठाते थे। संहिता में इसका भी समाधान है।

'कानून-व्यवस्‍था की चुनौती भी कम होगी'

Akhilesh Yadav inaugrates rajasav sanhita.

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की बात करिए तो पता चलता है कि इसमें पुरानी कहावत (जर-जमीन-जोरू) अब भी पूरी तरह से लागू होती है।

संहिता से राजस्व वादों का निपटारा तेजी से होगा और कानून-व्यवस्था की चुनौती भी कम होगी।

किसान-नौजवान के लिए काम करना बहुत जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, पावर और सोशल सेक्टर में खूब काम किया है। लेकिन किसान और नौजवान के लिए काम करना बहुत जरूरी है। सरकार नौजवानों को बड़ी संख्या में नौकरी दे रही है।

किसानों की मदद के लिए लगातार दूसरे वर्ष को किसान वर्ष घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम व सूखा उनके वश में नहीं है लेकिन किसानों की मदद के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है।

सभी मानते थे राजस्व परिषद को सजा का केंद्र

Akhilesh Yadav inaugrates rajasav sanhita.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कहा जाता था कि किसी अधिकारी को सजा देनी है तो राजस्व परिषद भेज दीजिए। लेकिन राजस्व परिषद के लोगों ने राजस्व संहिता बनाकर इस धारणा को बदला है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व संहिता को तैयार करने के लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव राजस्व सुरेश चंद्रा और ड्राफ्ट कमेटी के चेयरमैन राज बहादुर यादव के साथ-साथ समिति के संयोजक भोलानाथ यादव की खास तौर से सराहना की। उन्होंने समिति के सदस्य सुनील कुमार चौधरी और भीष्मलाल वर्मा की प्रशंसा की।

गांव की पूरी तस्वीर दिखाने वाला पोर्टल चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को तकनीक से जोड़ा जाना चाहिए। वह चाहते हैं कि एक ऐसा पोर्टल हो जिस पर हर गांव की पूरी तस्वीर हो। एक क्लिक में देखने से यह पता चल सके कि वहां कौन-कौन की सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अभी अगर वे किसी गांव के बारे में जानकारी चाहें तो मोटी सी एक फाइल आगे कर दी जाएगी। उन्होंने नक्शों की जीआईएस मैपिंग कराने का सुझाव दिया। कहा कि इससे बड़ी सहूलियत होगी और गांव के झगड़े बहुत कम हो जाएंगे।

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