भारत सबसे युवा देश, आने वाले वक्त में होगा सबसे बूढ़ा देश: अखिलेश
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यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवाओं के लिए अधिक मौके बनाने पर जोर देते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों से भी परिचित कराया।
अखिलेश ने कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश कहा जाता है। आने वाले दिनों में यही सबसे बूढ़ा देश भी कहा जाएगा। वो ‘मेधावी छात्र सम्मान समारोह’ में युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक ओर हर साल हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर एक से सवा करोड़ युवाओं के रोजगार और अवसर बड़ी चुनौती है दूसरी ओर बूढ़े लोगों के बारे में भी अभी से सोचना होगा।
उन्होंने कहा कि एक देश ने भविष्य की चुनौतियों के लिए एक फंड बनाया है। हमें भी अभी से सोचना होगा कि आगे क्या-क्या करना है?
उन्होंने कहा कि रोजगार, अवसर और संपन्नता सब चाहते हैं। इसके लिए अवसर की चिंता आज के मेधावियों को करनी होगी। उन्होंने समाजवादी सरकार खुशहाली लाने के रास्ते पर लगातार काम कर रही है।
'लगता है उन्हें पुराने रिश्ते की याद आ रही है'
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इलाहाबाद में दिए गए सपा-बसपा में जुगलबंदी वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लग रहा है कि उन्हें रक्षाबंधन और पुराने रिश्ते की याद आ रही है।
मुख्यमंत्री ने मोदी का नाम लिए बिना भाजपा और बसपा के पुराने सियासी रिश्ते की याद दिलाई। कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार आने वाला है।
अखिलेश बोले, कहां कौन राखी बांध दे, इससे लोगों को सतर्क रहना चाहिए। सब जानते हैं कि किसने किसे राखी बांधी थी। लग रहा है लोगों को पुराना रिश्ता याद आ रहा है। हर कोई जानता है कि जुगलबंदी तो उन लोगों के बीच रही है।
बताते चलें, भाजपा और बसपा की गठबंधन सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती, भाजपा नेता लालजी टंडन को राखी बांधा करती थीं। मुख्यमंत्री ने भाजपा और बसपा के इसी पुराने सियासी रिश्ते को याद दिलाकर पीएम के बयान पर पलटवार किया।
जनता को बताएंगे, सूबे से कैसे हुआ धोखा
मुख्यमंत्री ने भाजपा की इलाहाबाद में आयोजित कार्यकारिणी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि संगम जाने वालों को सद्बुद्धि मिलती है। उम्मीद थी कि इस बार संगम से कुछ जरूर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने जब यह कहा कि यूपी बढ़ेगा तो इंडिया बढ़ेगा तो उम्मीद और बढ़ी, लेकिन मिला कुछ नहीं।
14वें वित्त आयोग ने प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ाई, लेकिन नीति आयोग बनाकर केंद्र सरकार ने प्रदेश का 9000 करोड़ रुपये ले लिया। जनता ने जिसे 70 सीटें दी थी, उसने प्रदेश के साथ क्या किया? उन्होंने कहा कि वे विधानसभा चुनाव में जनता को जाकर यह सच बताएंगे कि किस तरह सूबे से धोखा हुआ।
पहले शहर और गांव साफ हों, फिर नदियां
मुख्यमंत्री ने केंद्र के नदी सफाई अभियान पर भी सवाल उठाया। अखिलेश ने कहा कि नदियों की सफाई से पहले शहरों और गांवों का साफ होना जरूरी है। शहरों और गांवों का कूड़ा-कचरा ही नदियों में जाता है।
उन्होंने भाजपा शासनकाल के दौरान लखनऊ में कूड़े से बिजली का प्लांट लगाने की योजना पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह प्लांट जब नहीं चला तो इंजीनियर ने यह कहकर लोगों को समझा दिया कि कूड़े की गुणवत्ता ठीक नहीं थी जिससे बिजली नहीं बनी।
मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों में बड़े पैमाने पर सीटें बढ़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने मेडिकल से लेकर इंजीनियरिंग और आईटीआई तक में बड़े पैमाने पर सीटें बढ़ाई हैं। इससे युवाओं को पढ़ने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पहले एमबीबीएस की 1240 सीटें थीं। हमने चार सालों में इसे बढ़ाकर 2000 कर दी है। यदि सीटें न बढ़ती तो डाक्टरी की पढ़ाई के लिए अवसर कहां मिलते?
तब लैपटॉप को झुनझुना कहते थे आज कर रहे नकल
मुख्यमंत्री ने कहा, जब मैंने लैपटाप बांटा तो विपक्षी लोग उसे झुनझुना कह रहे थे। आज उनकी लैपटॉप स्कीम की नकल की जा रही है। बिहार खुद लैपटॉप बांटने जा रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तराखंड ने उनकी नकल कर लैपटॉप बांटे। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी डिजिटल डिवाइस में न फंस जाए, इसलिए उनकी सरकार ने लैपटॉप बांटे थे।
विकास भी कर रहे, रोजगार भी दे रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार तेजी से विकास भी कर रही है और रोजगार के अवसर भी बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में मेट्रो बन रही है तो नौकरियां भी मिलेंगी।
बहराइच से श्रावस्ती के बीच सड़क बन गई। यात्रा का वक्त घट गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे बनेगा तो मंडी भी बनेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लखनऊ सबसे अच्छा शहर होगा।