अखिलेश बोले, '13 स्मार्ट सिटी कम हैं और दो'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसी प्रवेश परीक्षा में टॉप करने वाले और क्वालीफाई करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए नीति बनाएगी। प्रदेश सरकार बोर्ड परीक्षाओं और सीपीएमटी के मेधावियों को पहले ही सम्मानित करती रही है।
मुख्यमंत्री बुधवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर आईआईटी की प्रवेश परीक्षा के सात मेधावियों को सम्मानित करने के बाद बोल रहे थे। अखिलेश ने यूपी में 13 स्मार्ट सिटी बनाए जाने के केंद्र के प्रस्ताव पर असहमति जताई और कहा कि 80 सांसदों वाले राज्य को विकास में अब भी उतना शेयर नहीं मिल पा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने सुल्तानपुर के विष्णु गुप्ता, प्रतापगढ़ के कपूर सरोज व शुभम यादव, सोनभद्र के मुजम्मिल खान और आलोक मौर्य, अमेठी के नीलेश यादव व रायबरेली के शशांक अवस्थी को एक-एक लाख रुपये का चेक व लैपटॉप देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने मेधावियों को बधाई व भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की इन प्रतिभाओं ने संसाधन के अभाव में कड़ी मेहनत व परिश्रम के बल पर कठिन परीक्षा पास की। उम्मीद है, ये उसी ईमानदारी से आगे बढ़ेंगे। जहां भी मौका मिलेगा गरीबों की मदद करेंगे।
दूसरों को भी सपना देखने के लिए प्रेरित किया
सीएम ने कहा,सम्मानित हो रहे छात्रों में से ज्यादातर ने मेकेनिकल इंजीनियरिंग चुनने की बात कही है। यह क्षेत्र काफी चुनौतियों वाला है। कंप्यूटर साइंस में भी लोगों ने बड़ी ऊंचाई हासिल की है लेकिन जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा है। बॉयोटेक्नोलाजी नया क्षेत्र है, इसमें बड़ी संभावनाएं हैं।
मेधावियों ने आगे भी परिश्रम व मेहनत वाली राह चुनी है। हम आशा करते हैं कि ये जैसे आज अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम बढ़ा रहे हैं, वैसे ही आगे भी बढ़ाएंगे। इन युवाओं ने न सिर्फ खुद का सपना साकार किया है बल्कि जिन परिस्थितियों में सफलता हासिल की है, उससे तमाम युवाओं को सपने देखने और सच करने का मार्ग भी दिखाया है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता।
राजनीतिक कार्यकर्ता ऐसे बच्चों की सूचना दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा मेधावियों को आगे बढ़ाया है। भविष्य में आईआईटी प्रवेश परीक्षा टॉप करने वाले और क्वालीफाई करने वाले युवाओं को सम्मानित करने की नीति बनाएंगे। इन प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए मीडिया को बधाई दी।
यादव ने कहा, अच्छा होता कि राजनीतिक कार्यकर्ता ऐसे प्रतिभावान बच्चों की सूचना सरकार तक पहुंचाते। गरीब परिवार के बच्चों की सफलता से न सिर्फ उनके घर-परिवार व जिले के लोग खुश हैं बल्कि उनके मंत्री और सरकार भी बेहद खुश है।
हजरतगंज बनेगा पहला वाई-फाई जोन
मुख्यमंत्री ने कहा कि 4जी के माध्यम से तेजी से इन्वेस्टमेंट आया है। सरकार तमाम स्थानों पर वाई-फाई उपलब्ध कराने जा रही है। ताजमहल में वाई-फाई मिलेगा तो कई पार्कों में भी यह सुविधा दी जाएगी। राजधानी के हजरतगंज में पहला वाई-फाई जोन बनाने जा रहे हैं।
सांसदों की संख्या के हिसाब से यूपी को मिले हिस्सा
मुख्यमंत्री से केंद्र सरकार द्वारा सूबे के 13 शहरों को स्मार्ट सिटी और 64 को अटल शहरी पुनर्निर्माण मिशन में चयनित करने पर प्रतिक्रिया मांगी गई।
उन्होंने कहा,जनता ने जिस तरह 80 सांसदों वाले राज्य में उन्हें (केंद्र को) सांसद जिताकर दिए हैं उस हिसाब से विकास में शेयर अब भी नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश को और स्मार्ट शहर मिलने चाहिए। सूबे का शेयर और बड़ा होना चाहिए।
विकास के मामले में केंद्र के साथ
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार विकास के मामले में हर तरह से सहयोग को तैयार है। यूपीए शासन में एम्स बनने की बात रही हो या टाटा ड्राइविंग इंस्टीट्यूट व सैनिक स्कूल की स्थापना की बात, हमने पूरा सहयोग किया।
कुछ लोगों को टीवी पर दिखने की चाह
मुख्यमंत्री से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पूर्व व वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा, कुछ लोगों को रिटायर होने पर टीवी पर दिखने की चाह होती है। टीवी पर आने के लिए वे ऐसा करते हैं।
कहा, मुझे तो टीवी पर अपना चेहरा बार-बार दिखना अच्छा नहीं लगता, शर्म आने लगती है। लेकिन कुछ लोगों को अच्छा लगता है।
बताते चलें कि प्रमुख सचिव सार्वजनिक उद्यम डॉ. एसपी सिंह व पूर्व सचिव बादल चटर्जी ने मंगलवार को इलाहाबाद में राज्य सरकार पर हमला बोला था।