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हवा के विपरीत चलने से ही मिलती है कामयाबीः अखिलेश

Thu, 03 Dec 2015 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 03 Dec 2015 10:28 AM IST
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Akhilesh Yadav gives award to students and women.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवाओं से कुछ नया करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विपरीत हालात से टकराने पर ही कामयाबी मिलती है। उन्होंने कहा कि हम कितनी भी तरक्की कर लें, जब तक गांवों का विकास नहीं होगा, खुशहाली दर्ज नहीं हो सकती। जीडीपी के आंकड़ों से नहीं, गांवों, किसानों के आगे बढ़ने से खुशहाली आएगी।

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मुख्यमंत्री बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गांव कनेक्शन फाउंडेशन की ओर से आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली 12 छात्राओं व महिलाओं को स्वयं अवार्ड से नवाजा। उन्होंने अवार्ड विजेताओं के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि ज्यादातर लोग हवा के साथ बहते हैं, लेकिन उड़ता वही है जो हवा से टकराता है। हवाई जहाज भी उड़ान तभी भर पाता है जब हवा से टकराता है।
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पहचान उन्हीं लोगों की बनती है जो विषम परिस्थितियों से लड़ते हैं। बिना संसाधनों वाले भी बहादुर बनते हैं। इस मौके पर मशहूर फिल्म निर्माता महेश भट्ट, मैग्सेसे अवार्डी अंशु गुप्ता, फाउंडेशन के नीलेश मिश्र, एसपी मिश्र, यामिनी आदि उपस्थित थे।
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अपने बीच से ढूंढो हीरो : अखिलेश यादव ने कहा, हीरो को कहीं और जाकर ढूंढने की जरूरत नहीं है। वे हमारे-आपके बीच हैं। सम्मानित होने वाली समाज की हीरो हैं। हमारी कोशिश होगी कि इनमें से कुछ को रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से सहायता मिले।

समाजवादी पेंशन की लाभार्थियों की संख्या बढ़ेगी

Akhilesh Yadav gives award to students and women.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सरकार बनने पर महिलाओं को दो-दो साड़ी देने का वादा किया था लेकिन साड़ी के रंग को लेकर झगड़ा न हो, इसलिए महिलाओं को समाजवादी पेंशन दे रहे हैं। अभी 45 लाख लाभार्थी हैं, अगले बजट में इनकी संख्या बढ़ाकर 55-60 लाख तक की जा सकती है।

लैपटॉप से मिटी गांव के बच्चों की झिझक
सीएम ने कहा कि उन्होंने गांव तक 16 लाख लैपटॉप पहुंचा दिए हैं। लैपटॉप बांटने से ग्रामीण बच्चों में कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी को लेकर झिझक दूर हो गई। वे इसका अच्छा इस्तेमाल कर रहे हैं।

हिम्मत और हौसले से बनीं अवार्ड की हकदार
सोनम बानो : बाराबंकी की सोनम वोकेशनल ट्रेनर के साथ ही सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। वे अन्याय के खिलाफ भी आवाज उठाती हैं। सोनम प्रधानी का चुनाव भी लड़ रही हैं।

सुनीता चक्रवर्ती :
श्रावस्ती की 27 वर्षीया शिक्षिका सुनीता ने स्कूल से लौटते समय छेड़छाड़ करने वाले दो युवकों की धुनाई की। पुलिस में शिकायत करके जेल पहुंचाया।

इन्हें इसलिए मिला सम्मान

Akhilesh Yadav gives award to students and women.

रेखा : बहराइच की रेखा ने मानव तस्करी के खिलाफ आवाज उठाई। ट्रक से नेपाल ले जाए रहे बच्चे को छुड़ाया। ट्रक को रुकवाने के लिए उसके आगे अपनी साइकिल डालकर हिम्मत का परिचय दिया।

गुलइचा :
बहराइच की गुलइचा ने तेंदुए से भिड़कर अपने 7 साल के भाई को मुक्त कराकर अदम्य साहस का परिचय दिया।

मोहिनी आजाद:
  गोंडा की 23 वर्षीय मोहिनी ने अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ा। अपने पिता की अवैध भट्ठी गिराई और अन्य भट्ठियां भी नहीं चलने दीं।

शीलू सिंह राजपूत :
रायबरेली की शीलू ने आल्हा गायन में पुरुषों का एकाधिकार तोड़ा है। वे तलवार लेकर परंपरागत वेशभूषा में जब आल्हा का गायन करती हैं तो काफी भीड़ जुटती है।

शर्मिष्ठा यादव:
स्वरोजगार ट्रेनर। मवाना (मेरठ) की 29 वर्षीया शर्मिष्ठा यादव ने सड़क हादसे में रीढ़ की हड्डी टूटने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। 5000 महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई और सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेनिंग दी।

इनकी बहादुरी है मिसाल, मिला सम्मान

Akhilesh Yadav gives award to students and women.

रुबी सिंह : प्रतापगढ़ के पट्टी की इस छात्रा ने मनचलों के खिलाफ आवाज उठाकर स्कूल जाने वाली छात्राओं को छेड़छाड़ से मुक्ति दिलाई।

सबीना :
कानपुर की सबीना का नौवीं क्लास में ही निकाह कर दिया गया। शादी के बाद इंटर तक पढ़ाई की। परिवार वालों के विरोध के बावजूद स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। साइकिल से जाने का विरोध हुआ लेकिन बाद में सभी ने लोहा माना।

पुष्पलता राठौर उर्फ गुड़िया : सोलर दीदी के नाम से मशहूर कानपुर की गुड़िया ने पति की मौत के बावजूद हौसला नहीं हारा। उन्होंने सोलर मैकेनिक का काम सीखा और पुरुषों से कहीं बेहतर तरीके से अपने काम को अंजाम दे रही हैं।

पाणिनि गुरुकुल वाराणसी: इस गुरुकुल की छात्राएं पूजा, अर्जन, नेहा उपाध्याय, ज्योति आर्य आदि यज्ञ व अन्य धार्मिक कर्मकांड कराती हैं। यज्ञोपवीतधारी ये छात्राएं संस्कृत की अच्छी जानकार हैं।

नीतू सिंह
: बसावन (सिद्धार्थनगर) की 21 वर्षीय नीतू महिला किसानों को ट्रेनिंग देकर बेहतर खेती के लिए प्रेरित कर रही है। उनके ग्रुप में 208 महिलाएं हैं।

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