यूपी कमिश्नर प्रणाली लागू होने पर अखिलेश का तंज, बोले- टोटकों से नहीं सुधरेगी कानून-व्यवस्था
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ व नोएडा में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नए प्रयोगों के टोटकों और अधिकारियों की अदला-बदली तथा उनके पदनाम बदलने से कानून-व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है।
भाजपा सरकार के तीन वर्ष पूरे होते-होते अब तथाकथित सुधारात्मक कदम उठाने का अर्थ यही है कि सरकार का अभी तक अपराधों पर नियंत्रण नहीं है। प्रदेश में बलात्कार, हत्याएं, लूट और अपहरण की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
इनसे जनता का ध्यान हटाने के लिए भाजपा ने राजधानी व नोएडा में पुलिस प्रणाली में नया टोटका किया है। अखिलेश ने ये बातें पार्टी मुख्यालय में विभिन्न स्थानों से आए खिलाड़ियों, नेताओं और प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात के दौरान कहीं।
भाजपा के पास भविष्य को लेकर कोई दृष्टि नहीं
उन्होंने कहा कि भाजपा को विकास से जाने क्यों एलर्जी है। उसके पास या तो भविष्य को लेकर कोई दृष्टि नहीं है या वह सक्षम ही नहीं है। सपा सरकार के समय किए गए कार्यों के प्रति भाजपा का उपेक्षापूर्ण रवैया और उनके कामों पर अपना ठप्पा लगाने का कारोबार उसकी घटिया मानसिकता का परिचायक है।
उन्होंने मिलने आए लोगों का आह्वान किया कि लोग 2022 में सपा बनाने और भाजपा सरकार को हटाने के लिए अभी से एकजुट हों। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नफरत फैलाती है और भेदभाव की राजनीति करती है।
अखिलेश से मिलने वालों में वाराणसी के सदर तहसील के बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी कृष्णचंद्र, किशन, दूधनाथ मौर्य, संजय कुमार यादव व राजू वाल्मीकि ने पूर्व महानगर अध्यक्ष इस्तकबाल कुरैशी के साथ भेंट की। बलरामपुर के उस 13 वर्षीय लड़की के परिवारीजनों ने भी अखिलेश से मुलाकात की, जिसकी दुष्कर्म के बाद जलाकर हत्या कर दी गई थी।