प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक पैकेज को अखिलेश ने बताया जुमला तो मायावती ने दिए सुझाव
- अखिलेश यादव व मायावती ने प्रधानमंत्री द्वारा घोषित किए गए आर्थिक पैकेज पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
- अखिलेश ने कहा कि ये एक जुमला है जनता इस पर विश्वास नहीं करेगी।
- मायावती ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के बजाए सरकारी पहल और देश की पूंजी को बढ़ाने की ज्यादा जरूरत है।
- अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए तंज किया है।
विस्तार
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जिसे पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का एलान किया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे एक जुमला करार दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पहले 15 लाख का झूठा वादा और अब 20 लाख करोड़ का दावा...। अबकी बार लगभग 133 करोड़ लोगों को 133 गुना बड़े जुमले की मार...। ऐ बाबू कोई भला कैसे करे एतबार...।
अब लोग ये नहीं पूछ रहे हैं कि 20 लाख करोड़ में कितने ज़ीरो होते हैं बल्कि ये पूछ रहे हैं उसमें कितनी गोल-गोल गोली होती हैं।
पहले 15 लाख का झूठा वादा और अब 20 लाख करोड़ का दावा...
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 13, 2020
अबकी बार लगभग 133 करोड़ लोगों को 133 गुना बड़े जुमले की मार...
ऐ बाबू कोई भला कैसे करे एतबार...
अब लोग ये नहीं पूछ रहे हैं कि 20 लाख करोड़ में कितने ज़ीरो होते हैं बल्कि ये पूछ रहे हैं उसमें कितनी गोल-गोल गोली होती हैं.
वहीं, बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया है कि बसपा का मानना है कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के अति अहम मामले में प्राइवेट सेक्टर के बजाए सरकारी पहल व इसके जरिए देश की पूंजी में विकास की ज्यादा जरूरत है। इस पर ईमानदारी से अमल करने से ही गरीबी व बेरोजगारी सहित देश की अन्य और भी मूलभूत समस्याओं का समाधान संभव होगा।
बी.एस.पी. का मानना है कि भारत को आत्म निर्भर बनाने के अति-अहम मामले में प्राइवेट सेक्टर के बजाए सरकारी पहल व इसके जरिए देश की पूंजी में विकास की ज्यादा जरूरत है। इसपर ईमानदारी से अमल करने से ही गरीबी व बेरोजगारी सहित देश की अन्य और भी मूलभूत समस्याओं का समाधान संभव होगा।
— Mayawati (@Mayawati) May 13, 2020