कानून-व्यवस्था पर अखिलेश सख्त, बोले- नहीं करूंगा समझौता
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभावी कानून-व्यवस्था राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा। थाने पर आने वाले लोगों की एफआईआर तुरंत दर्ज की जाए क्योंकि ऐसा न करने का खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ता है और उसकी छवि खराब होती है।
उन्होंने कहा, गरीबों और गांवों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान जरूरी है, क्योंकि वे बड़ी उम्मीद से पुलिस के पास जाते हैं कि उन्हें न्याय मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुलिस वीक के पहले दिन शुक्रवार को विधानसभा के तिलक हॉल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। आला अफसरों ने उन्हें आश्वस्त किया कि पुलिस आत्मावलोकन करेगी और बेहतर परिणाम दिए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी अराजपत्रित पुलिस कर्मियों के वर्दी भत्ता में 25 फीसदी बढ़ोतरी का एलान किया। बैरक में रहने वाले पुलिस व पीएसी कर्मियों का पारिवारिक आवासीय भत्ता भी 25 फीसदी बढ़ाया जाएगा।
बड़े पैमाने पर की गई पदोन्नतियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का मनोबल बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां की गई हैं। पुलिस कर्मियों की कमी पूरी करने के लिए बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है।
ऐसे में पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे जनता के साथ अपना व्यवहार ठीक रखते हुए उसकी समस्याओं का जल्द निपटारा करें। उन्होंने गृह विभाग की अपडेटेड वेबसाइट को भी लॉन्च किया।
छवि बदलने के लिए कार्यशैली सुधारें पुलिसकर्मी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराधों पर नियंत्रण बहुत बड़ी चुनौती है। इस चुनौती का सामना पुलिस के साहस और कर्तव्य परायणता के माध्यम से किया जा सकता है।
आम जनता में पुलिस कर्मियों की छवि बदलने के लिए उन्हें अपनी कार्यशैली में सुधार लाना होगा। अपनी विश्वसनीयता बढ़ानी पड़ेगी।
सीएम ने शांतिपूर्ण ढंग से पंचायत चुनाव संपन्न कराने तथा स्नैपडील की कर्मचारी व आगरा में अपहृत बच्चे को जल्द छुड़ाने, लखनऊ में व्यापारी की हत्या का खुलासा करने के लिए पुलिस की सराहना भी की।
पुलिस आधुनिकीकरण के लिए हो रहे प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछले चार साल से पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए लगातार काम कर रही है। मॉडर्न कंट्रोल रूमों की स्थापना की जा चुकी है। राजधानी लखनऊ में कैमरों से इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की जा रही है।
डायल 100 सेवा के माध्यम से पुलिस के रिस्पांस टाइम को कम करने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 3200 चार पहिया और 1600 दुपहिया वाहनों की व्यवस्था की जा रही है।
हर रेंज में फोरेंसिक लैब के साथ ही प्रत्येक जिले को फोरेंसिक मोबाइल वैन मुहैया कराई जा रही है। वीमेन पावर लाइन 1090 का का भरपूर लाभ महिलाओं को मिला है।
पैदल गश्त व बेसिक पेट्रोलिंग की जताई जरूरत
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि अच्छी कानून-व्यवस्था के बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार और पैदल गश्त व बेसिक पेट्रोलिंग की जरूरत जताई।
प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने पुलिस विभाग के क्रिया-कलापों तथा आधुनिकीकरण पर प्रेजेंटेशन दिया। पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने कहा कि पुलिस तंत्र सूबे में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
पुलिस वीक के दौरान जिलों में तैनात अधिकारियों से इसमें और सुधार लाने पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने पुलिस विभाग की ओर से सीएम को स्मृति चिह्न भेंट किया।