मोदी के ‘घर’ अखिलेश सजाएंगे यूपी के विकास की झांकी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुजरात की राजधानी गांधीनगर पहुंचकर सूबे के विकास के लिए किए जा रहे कामों को गिनाएंगे। प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के तीन दिनी आयोजन में प्रदेश का अपना पवेलियन सजेगा।
इसमें सूबे की विकास योजनाओं की झांकी पेश की जाएगी। पवेलियन की तैयारी से जुड़ा दल शुक्रवार को गांधीनगर रवाना हो गया। केंद्र सरकार ने प्रवासी भारतीय दिवस समारोह का आयोजन गांधीनगर में सात से नौ जनवरी के बीच किया है।
इसमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के विदेशी शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री व वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर भी शामिल होंगे। वहां प्रदेश की विकास योजनाओं की जानकारी देने के लिए यूपी पवेलियन सजाया जाएगा।
सरकार ने दुनिया भर में फैले सूबे से जुड़े एनआरआई को गांधीनगर आमंत्रित किया है। सवा सौ स्क्वायर मीटर के यूपी पवेलियन में प्रदेश सरकार की नई नीतियों, मेट्रो, आईटी सिटी, डेयरी, एक्सप्रेस-वे व बिजली आदि क्षेत्रों में हो रहे महत्वपूर्ण कार्यों को डिस्प्ले किया जाएगा।
स्वास्थ्य, वोकेशनल एजुकेशन, लघु उद्योग, पर्यटन क्षेत्र में विकास के उठाए कदम प्रदर्शित किए जाएंगे। वहां नौ जनवरी को यूपी का एक अलग सत्र होगा। इसमें यूपी के बारे में अप्रवासियों को विस्तार से जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री इसी सत्र में शामिल होंगे।
सीएम कर सकते हैं मेजबानी का दावा
वह वहां एनआरआई से बातचीत कर उन्हें अपनी मिट्टी, अपने गांव और जिले से जुड़ने का न्यौता देंगे। उनसे पूछेंगे कि वे अपने क्षेत्र में क्या करना चाहेंगे और उसके लिए किस-किस तरह की सहायता चाहते हैं?
यूपी-एनआरआई दिवस के आयोजन के लिए प्रदेश मूल के अप्रवासियों को आमंत्रित भी कर सकते हैं। पूरी संभावना है कि मुख्यमंत्री 2016 के प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन की मेजबानी का दावा भी पेश करें।
एनआरआई विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली इस संबंध में अपना सुझाव सीएम के सामने रख चुके हैं। एनआरआई विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ ऊर्जा राज्यमंत्री याशर शाह, व्यावसायिक शिक्षा राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र, एनआरआई विभाग के सलाहकार मधुकर जेटली व विधायक संग्राम यादव भी गांधीनगर पहुंचेंगे।
मुख्य सचिव आलोक रंजन व प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास संजीव सरन के अलावा आईटी, ऊर्जा, स्वास्थ्य, एमएसएमई, वोकेशनल एजुकेशन, पर्यटन, यूपीएसआईडीसी व नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल होंगे।