'20 मिनट में एंबुलेंस, 15 मिनट में पहुंचेगी पुलिस'
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चिकित्सा शिक्षा के लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। बदायूं और जौनपुर में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी चल रही है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अपने संसाधन से खुलते हैं। इनमें गरीब बच्चे नहीं पढ़ सकते। क्योंकि वो डोनेशन नहीं दे सकते। उनके लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज ही हैं।
सरकार डॉक्टरों की सुविधाओं और मरीजों के इलाज के लिए पैसा दे रही है और आगे भी बढ़ाकर देगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ये बातें गुरुवार को केजीएमयू के मॉर्डन टीचिंग ब्लॉक सहित कई सुविधाओं के लोकार्पण और उद्घाटन के मौके पर कहीं।
साइंस कन्वेंशन सेंटर में बृहस्पतिवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पहले तो 1000 की क्षमता वाले हॉल को सराहा। फिर उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले वो इंजीनियरों के कार्यक्रम में गए थे वहां शायरी चल रही थी।
आज केजीएमयू आए हैं तो वहां डॉक्टर भी शायरी कर रहे हैं। ये अच्छी बात है। उन्होंने एंबुलेंस सर्विस के बाद कानून-व्यवस्था को भी और बेहतर बनाने के वादे किए।
अगले साल होंगी 2100 एमबीबीएस सीटें
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के लिए हमेशा मदद की है। प्रदेश का बजट देखा जाए तो सबसे ज्यादा हमने ही पैसा दिया है। इसलिए आपसे उम्मीद करते हैं कि गरीबों की मदद करें, उनका बेहतर इलाज करें।
गांवों से आने वाले लोग इलाज के लिए जमीनें तक बेच रहे हैं। इसके बावजूद उनके परिवार सदस्य बच नहीं पाता है। ऐसे ही लोगों के इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। कन्नौज, सैफई, आजमगढ़ में मेडिकल कॉलेज खुल गया है। जल्दी ही और मेडिकल कॉलेज कॉलेज खुलेंगे।
इस मौके पर अहमद हसन ने कहा कि जब सरकार बनी थी तब सूबे में एमबीबीएस की 950 सीटें थीं, दो साल में सरकार ने इसे 1550 कर दिया है जबकि अगले साल से सूबे में एमबीबीएस की 2100 सीटें हो जाएंगी।
नोएडा और लखनऊ में बनेंगे कंट्रोल रूम
20 मिनट में एंबुलेंस और 15 मिनट में पहुंचे पुलिस प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस समाजवादी सरकार ने ही चलायी है। देश भर में सबसे ज्यादा एंबुलेंस यहीं हैं। जो 20 मिनट में मरीज के पास पहुंच जाती हैं। अब प्रयास है कि लॉ एंड आर्डर कंट्रोल करने के लिए पुलिस 15 मिनट में मौके पर पहुंचे।
इसके लिए आधुनिक कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। पहला ऐसा कंट्रोल रूम कानपुर में है। नोएडा और लखनऊ में भी जल्दी ही कंट्रोल रूम शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी आधुनिक कंट्रोल रूम खोले जाएंगे। जिससे कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए समय पर घटनास्थल पर पहुंचे और एक्शन लें।
उत्तरांचल के छात्रों को भी करा रहे पीजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने प्रदेश के साथ हम उत्तरांचल के चिकित्सकों को भी पीजी करा रहे हैं। अभी हमारे पड़ोसी प्रदेश में मेडिकल के क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट नहीं हैं।
वहां के मुख्यमंत्री ने हमसे पढ़ाई की व्यवस्था को जारी रखने के लिए कहा था। जिसकी हमने अनुमति दे दी है।
उनकी पीजी सीटें बहाल रखी जाएंगी। इस तरह से यूपी पड़ोसी प्रदेश की भी चिकित्सा शिक्षा में मदद कर रहा है।