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अखिलेश यादव भी चलेंगे 'पापा' के नक्शेकदम पर
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
Updated Wed, 02 Oct 2013 06:28 PM IST
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मुजफ्फरनगर में साजिशन ऐसी ताकतों ने दंगा करवाया, जो प्रदेश की तरक्की नहीं देखना चाहते। जिन लोगों ने भी माहौल खराब किया, उन्हें किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
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यह कहना है सीएम अखिलेश यादव का। उन्होंने कहा, कम्युनल होना आसान है, लेकिन धर्मनिरपेक्ष बने रहना बहुत ही मुश्किल। जितनी घटनाएं हो रही हैं, कैसे हो रही हैं, सब जानते हैं।
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सरकार ने दंगा रोकने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, फौज तक को बुलाया। मुल्क व समाज की भलाई और धर्मनिरपेक्षता के लिए नेताजी जिस रास्ते पर चले, वे उसी रास्ते पर चलते रहेंगे।
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मुख्यमंत्री अखिलेश मंगलवार को ऐशबाग ईदगाह में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, मुजफ्फरनगर में जान बूझकर दंगा किया गया। छोटी-छोटी हरकत बड़ी घटनाएं बन गईं।
कुछ लोग हिंदुओं-मुस्लिमों में फर्क करने की कोशिश करते हैं। फर्क करने वाले देश व समाज के दुश्मन हैं। आपस की खाई को पाटने के लिए हमें आगे आना होगा।
उन्होंने सपा सरकार की ओर से मुस्लिमों के कल्याण के लिए उठाए फैसलों की भी जानकारी दी। बताया कि यूपी पहला प्रदेश है, जहां मुस्लिम लड़कियों की पढ़ाई के लिए अलग से 30-30 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
काजमी ने की मुलायम की तारीफें
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एसएमए काजमी ने कहा कि 30 अक्तूबर 1990 का वाकया एक हकीकत थी। उस समय मस्जिद गिराने वाले, गोली चलाने वाले और इसका आदेश देने वाले, सभी हिंदू थे।
मुलायम सिंह ने उस हालात में गोली चलवाने का आदेश देकर सच्चा धर्मनिरपेक्ष होने का परिचय दिया। उसे याद करने की जरूरत है। उन्होंने मिसाल देते हुए कहा कि एक मस्जिद गिराने का मामला सामने आया।
मुख्यमंत्री ने खुद फोन किया, आज वह मस्जिद बन रही है। काजमी ने कहा, जहां-जहां एकीकरण की बात होगी, मुलायम व मुख्यमंत्री जरूर याद किए जाएंगे। उन्होंने मुजफ्फरनगर में 12 दिन के अंदर मृतक-आश्रितों को नौकरी देने का वादा पूरा करने के लिए भी मुख्यमंत्री की तारीफ की।
फिरकापरस्त ताकतों से सतर्क रहना होगा: जिलानी
हाईकोर्ट में अपर महाधिवक्ता जफरयाब जिलानी ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में मुकाबला फिरकापरस्त ताकतों से होगा, हमें ज्यादा सतर्क रहना होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि हिम्मत नहीं हारना चाहिए, तब भी जब अपनों के भी तीर चल रहे हों। उन्होंने लोगों को बताया कि मुजफ्फरनगर दंगों के नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री खुद लगे थे। लगातार निर्देश दे रहे थे कि किस गांव में मिलिट्री भेजी जाए।
सीएम ने पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने ईदगाह के इमाम खालिद रशीद फरंगी महली के पिता दिवंगत मौलाना अहमद मियां फरंगी महली के जीवन पर लिखी पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक इमाम ने खुद लिखी है।
मोअल्लिम वालों को जल्द नौकरी
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि मोअल्लिम वालों की नौकरी के रास्ते की अड़चन दूर की जा चुकी है। जल्द ही उन्हें नौकरी मिलने लगेगी। उन्होंने बताया कि लैपटॉप में हिंदी, अंग्रेजी के साथ उर्दू भाषा की सुविधा वाले सॉफ्टवेयर डाले गए ताकि उर्दू वाले बच्चे पीछे न छूट जाएं।
सीएम ने वादा किया कि चुनाव घोषणा पत्र में किए वादे के मुताबिक उर्दू को बढ़ावा देंगे और रोजगार से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि भाषा के तौर पर हिंदी-उर्दू एक जैसी हैं।
दोनों भाषाएं आगे बढ़ें इसकी जरूरत है। इन भाषाओं को भी अंग्रेजी की तरह प्रतिष्ठा व सम्मान की भाषा बनाया जाएगा। जहां जरूरत हो अंग्रेजी से परहेज नहीं करना चाहिए।