अफसर गलती करेगा तो सजा मिलेगी ही: सीएम
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निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने और कठोर रुख अपना लिया है। इस मुद्दे पर चारों तरफ से हो रहे हमले का जवाब उन्होंने आक्रामक शैली में दिया।
उन्होंने कहा कि नागपाल के निलंबन पर सरकार के नीति व निर्णय पर अंगुली उठाने वालों को वह दौर नहीं भूलना चाहिए जब मुख्यमंत्री के कमरे में जाने के लिए अफसरों को अपने जूते उतारने पड़ते थे।
पंचम तल जाने में पैर कांपते थे। वह सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय पर स्व. जनेश्वर मिश्र ‘छोटे लोहिया’ की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार की सुबह ‘अमर उजाला’ के प्रतिभा सम्मान समारोह में कहा कि अफसर गलती करेंगे तो सजा मिलेगी ही।
उन्होंने शिकायत करते हुए कहा कि वह मीडिया का काफी सम्मान करते हैं लेकिन मीडिया का एक वर्ग हमारे पीछे पड़ा है।
पुरानी बातें याद रखनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गलती करे तो आलोचना होनी चाहिए लेकिन अकारण आलोचना हो रही है। पिछली बसपा सरकार ने क्या-क्या नहीं किया।
तब एक आईएएस अधिकारी आत्महत्या को मजबूर हुआ और अधिकारियों को अपमान तथा उत्पीड़न झेलना पड़ता था। पंचम तल जाने की बात होते ही अफसरों के पैर कांपने लगते थे।
लोकतंत्र बसपा सरकार के हाथों बंधक बन गया था। सपा ने लोकतंत्र बहाल किया। आज अफसर पूरी स्वतंत्रता से इधर-उधर घूम रहे हैं। किसी पर कोई बंदिश नहीं है। अधिकारी सरकार के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं।
दुष्प्रचार का आरोप
इससे पहले मुख्यमंत्री ने ‘अमर उजाला ’ के कार्यक्रम में एक सीरियल का हवाला देते हुए मीडिया को नसीहत दी।
साथ ही दुर्गा के निलंबन के फैसले पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने बताया, ‘सीरियल में दिखाया गया कि अमेरिका के एक उद्योगपति का रिफाइनरी कारोबार में एकाधिकार था।
जब बिजली का आविष्कार हुआ तो मिट्टी तेल की लॉबी ने बिजली के खिलाफ प्रचार शुरू किया। उद्योगपति ने पत्रकारों से भी मदद ली। पत्रकारों ने दिल खोलकर मदद की भी। पर, कामयाब उद्योगपति नहीं बल्कि बिजली हुई।’
उन्होंने कहा, ‘बहुत सारी बातों का विरोध होता है। पर, सबको यह भी समझना चाहिए कि बच्चा गलती करता है तो मां-बाप पिटाई करते हैं या नहीं।’
फिर बच्चों से मुखातिब होते हुए बोले, ‘ बच्चों क्लॉस में गलती करने पर शिक्षक पिटाई करते हैं या नहीं। ...अब अगर कोई अधिकारी गलती करेगा तो सरकार सजा देगी ही।’