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जिसपे 60 केस दर्ज, अखिलेश ने उसे दी सुरक्षा!
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 25 Feb 2014 08:51 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को भदोही के सपा विधायक विजय मिश्र और उनकी पुत्री सीमा को दी गई सरकारी सुरक्षा वापस लेने का निर्देश दिया है।
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कोर्ट ने कहा है कि इन दोनों को दी गई सुरक्षा तत्काल वापस ले ली जाए।
उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि जिस व्यक्ति पर 60 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, उसे इतनी ज्यादा आंतरिक सुरक्षा किस प्रकार से दी गई है।
कोर्ट ने सवाल किया कि क्या सिर्फ लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी होने से किसी को इतनी सुरक्षा दी जा सकती है। एक्स और वाई श्रेणी की सुरक्षा देने में सरकार को काफी धनराशि खर्च करनी पड़ती है।
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विजय मिश्र के जीवन पर खतरे को लेकर राज्य स्तरीय सुरक्षा संबंधी समिति ने अभी कोई विचार नहीं किया है मात्र जिला समिति की संस्तुति पर सुरक्षा प्रदान की गई है।
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कोर्ट ने सरकार से जानना चाहा है कि क्या अंतरिम सुरक्षा देने के बाद राज्य स्तरीय समिति ने इस पर विचार किया है।
न्यायालय के समक्ष ऐसा कोई तथ्य नहीं दिया गया। विजय मिश्र और सीमा को दी गई सुरक्षा को डॉ. पंकज त्रिपाठी ने चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति सुनील अंबवानी और न्यायमूर्ति डॉ. सतीश चंद्रा ने याचिका पर सुनवाई की। पंकज त्रिपाठी का कहना था कि उनके पिता की हत्या का मुकदमा पिछले 34 वर्षों से चल रहा है, जिसमें विधायक आरोपी हैं।
इसी प्रकार से कुल 60 आपराधिक मुकदमे उनके खिलाफ चल रहे हैं। 30 अक्तूबर 2013 को सरकार ने शासनादेश जारी कर विजय मिश्र को भारी आंतरिक सुरक्षा उपलब्ध करा दी।
उनको शस्त्र लाइसेंस भी दिया गया तथा गनर और शैडो उपलब्ध कराए गए हैं।