अखिलेश पूरा करेंगे घर और नौकरी का सपना!
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सरकारी और निजी क्षेत्रों में बनने वाले ईडब्ल्यूएस व एलआईजी मकानों के आवंटन की नीति बदल दी गई है। इन मकानों को अब निर्माण कार्य शुरू होते ही आवंटित किया जा सकेगा। शर्त यह होगी कि निर्माणकर्ता को आवंटन की तिथि से तीन साल के अंदर मकान बनाते हुए आवंटी को कब्जा देना होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने ईडब्ल्यूएस व एलआईजी मकानों के आवंटन में पूर्व में नीति तैयार की थी। इसमें निर्माण कार्य पूर्ण होने पर आवंटन की व्यवस्था की गई थी। इससे सरकारी और निजी विकासकर्ताओं को परेशानियां आ रही थीं।
इस संबंध में विकासकर्ताओं ने तर्क दिया था कि निर्माण शुरू होते ही आवंटन की व्यवस्था लागू होने से उन्हें निर्माण लागत मिल जाएगी और इसे बनाने में सहूलियत होगी। इसके आधार पर यह निर्णय किया गया है। कैबिनेट निर्णय के मुताबिक निर्माण कार्य शुरू होते ही इन मकानों का आवंटन कर सकेंगे लेकिन इसकी कीमतें आवंटन तिथि के आधार पर ही ली जाएंगी और देने होने पर इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
आवंटन की तिथि से तीन साल के अंदर कब्जा न देने पर विकासकर्ता को जमा की गई धनराशि पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के आधार पर आवंटी को क्षतिपूर्ति देनी होगी। इसके अलावा अनुबंध के आधार पर विकासकर्ता पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
शहीद विधवाओं बनेगी सरकारी शिक्षिका
शहीद विधवा को अनुकंपा के आधार पर शिक्षिका की नौकरी
राज्य सरकार ने भारत तिब्बत सीमा पुलिस के शहीद जवान की विधवा को अनुकंपा के आधार पर इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी देने का फैसला किया है।
नियुक्ति के लिए आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया है। उत्तराखंड में आयी आपदा के दौरान भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवान नित्यानंद शहीद हो गए थे।
राज्य सरकार उनकी विधवा माधुरी गुप्ता को नौकरी देना चाहती है। माधुरी शिक्षा विभाग में शिक्षक बनाना चाहती थीं लेकिन उनकी उम्र इसमें बाधा बन रही थी। वह मौजूदा समय 46 साल की हैं और शिक्षक बनने की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष होनी चाहिए।
इसलिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करते हुए कैबिनेट मंजूरी के लिए भेजा था जिसे मंजूर कर दिया गया है। अब उन्हें जल्द ही इंटर कॉलेज में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति दे दी जाएगी।
62 साल पर भी बन सकेंगे चैयरमेन
पावर कारपोरेशन में अब 62 साल की आयु वाले अधिकारी भी दो वर्ष के लिए चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्त किए जा सकेंगे। इसके लिए सरकार ने पावर कारपोरेशन में चेयरमैन व प्रबंध निदेशक की नियुक्ति के लिए आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में संशोधन करके नई धारा जोड़ने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
प्रदेश कैबिनेट ने मेरठ में आईटी पार्क की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। केंद्र सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) इसका विकास करेगी। मेरठ विकास प्राधिकरण आईटी पार्क के लिए एसटीपीआई को वेद व्यासपुरी आवासीय योजना में 30 वर्ष के लिए निशुल्क 2.5 एकड़ जमीन देगा।
एसटीपीआई करीब 20 करोड़ रुपये लगाकर इस पार्क का विकास करेगी। इसके अलावा कोई अन्य प्राधिकरण या औद्योगिक विकास प्राधिकरण यदि एसटीपीआई मॉडल पर आईटी पार्क की स्थापना का प्रस्ताव करेगा तो मुख्यमंत्री उसका अनुमोदन दे देंगे। कैबिनेट ने सीएम को इसके लिए अधिकृत कर दिया है। आगरा में आईटी पार्क की प्रक्रिया पहले से चल रही है।