अजित सिंह 10वीं बार चुने गए रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष
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राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह लगातार 10वीं बार पार्टी के निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिए गए। यह जानकारी रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने शुक्रवार को लखनऊ में दी।
दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय लोकदल के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया केतहत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए चौधरी अजित सिंह ने नामांकन भरा। अकेला नामांकन होने के कारण राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी शिवकरन सिंह ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया है।
चौ. अजित सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद, अनिल दुबे, वसीम हैदर, प्रो. यज्ञदत्त शुक्ल, जावेद अहमद, रजनीकांत मिश्रा, रमावती तिवारी, मनोज सिंह चौहान, एमए आरिफ, युवा रालोद के प्रदेश अध्यक्ष अंबुज पटेल, छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह चौहान, बीएल प्रेमी, चंद्रकांत अवस्थी, सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी, रोहित अग्रवाल, जिलाध्यक्ष बेलाप्रताप राजवंशी और महानगर अध्यक्ष अनीता यादव चौधरी अजित सिंह को बधाई दी है।
जयंत चौधरी को पुलिस ने रोका
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए उपद्रव के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने पहुंचे रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को पुलिस ने शहर के बाहर ही रोक लिया था। इस पर रालोद कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए।
दादरी चेकपोस्ट और सिवाया टोल प्लाजा पर पुलिस से पार्टी नेताओं की तीखी झड़प भी हुई थी। हालांकि बाद में पुलिस ने अपनी कस्टडी में काफिले को मोहिउद्दीनपुर चेकपोस्ट पर छोड़कर दिल्ली रवाना कर दिया। शहर में धारा 144 लागू होने के कारण मंगलवार को पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी के काफिले को भी परतापुर से वापस भेज दिया था। वह भी उपद्रव में मरे लोगों के परिजनों से मिलने मेरठ आना चाहते थे।
बुधवार को पुलिस ने यही प्रक्रिया पूर्व सांसद जयंत चौधरी के साथ दोहराई। मुजफ्फरनगर से मेरठ आ रहे जयंत के काफिले को पुलिस ने दादरी चेक पोस्ट पर रोक लिया। उन्हें शहर में प्रवेश करने से रोका। इस पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
जयंत चौधरी ने दिल्ली जाने की बात कही तो सीओ दौराला जितेंद्र सरगम फोर्स लेकर उनके साथ-साथ चले। इसी बात को लेकर सिवाया टोल प्लाजा पर भी रालोद नेताओं की सीओ से नोकझोंक हुई। काफी देर चले हंगामे के बाद पुलिस ने जयंत चौधरी के काफिले को शहर के बाहर मोहिउद्दीनपुर चेकपोस्ट पर छोड़ा।