लखनऊ। केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस डॉक्टर का विकल्प नहीं, बल्कि उसकी क्षमता बढ़ाने का माध्यम है। कुलपति शनिवार को परिवर्तन चौक स्थित होटल में ऑल इंडिया डिफिकल्ट एयरवे एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक डॉ. तन्मय तिवारी ने कहा कि एआई डॉक्टरों की आईसीयू में निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाता है। हालांकि, इसका उपयोग नियमित प्रशिक्षण, सतत शिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए। मानव अनुभव और तकनीकी बुद्धिमत्ता का संतुलित समन्वय ही भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इस मौके पर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डॉ. विशाल देव, डॉ. अपर्णा शुक्ला, डॉ. दिनेश कौशल, डॉ. मनोज चौरसिया, डॉ. मनोज गिरी, डॉ. आशीष कनौजिया उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में बोलतीं प्रो. सोनिया नित्यानंद।

कार्यक्रम में बोलतीं प्रो. सोनिया नित्यानंद।