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केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के लिए केंद्र, यूपी और एमपी में करार, सीएम बोले-यह बुंदेलखंड के विकास का स्वर्णिम अध्याय
Mon, 22 Mar 2021 11:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 22 Mar 2021 11:34 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
विश्व जल दिवस पर 22 मार्च को को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना की संकल्पना को जमीन पर उतारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करार पत्र पर हस्ताक्षर कर केन-बेतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना को औपचारिक स्वीकृति दी।
पीएम ने कहा कि यह योजना बुंदेलखंड के सुनहरे भविष्य की भाग्यरेखा है। मुख्यमंत्री योगी ने इसे बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास का स्वर्णिम अध्याय बताया। कहा, इस समझौते से बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, झांसी, महोबा, ललितपुर और हमीरपुर में कुल 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध होगी। वहीं झांसी, महोबा, ललितपुर व हमीरपुर में 21 लाख की जनसंख्या को 67 मिलियन घन मीटर पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। इससे 221 किलोमीटर लंबी लिंक चैनल निकाली जाएगी। यह झांसी के निकट बरुआ में बेतवा नदी को जल उपलब्ध कराएगी। केन-बेतवा लिंक नहर पर यूपी की जरूरत के अनुसार आउटलेट देते हुए वर्षाकाल में पानी उपलब्ध कराया जाएगा। महोबा, हमीरपुर और झांसी जिलों में पहले से बने बांधों में भी पानी दिया जाएगा। ये बांध पिछले कई साल से भरे नहीं जा सके हैं।
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पीएम ने कहा कि यह योजना बुंदेलखंड के सुनहरे भविष्य की भाग्यरेखा है। मुख्यमंत्री योगी ने इसे बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास का स्वर्णिम अध्याय बताया। कहा, इस समझौते से बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, झांसी, महोबा, ललितपुर और हमीरपुर में कुल 2.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध होगी। वहीं झांसी, महोबा, ललितपुर व हमीरपुर में 21 लाख की जनसंख्या को 67 मिलियन घन मीटर पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। इससे 221 किलोमीटर लंबी लिंक चैनल निकाली जाएगी। यह झांसी के निकट बरुआ में बेतवा नदी को जल उपलब्ध कराएगी। केन-बेतवा लिंक नहर पर यूपी की जरूरत के अनुसार आउटलेट देते हुए वर्षाकाल में पानी उपलब्ध कराया जाएगा। महोबा, हमीरपुर और झांसी जिलों में पहले से बने बांधों में भी पानी दिया जाएगा। ये बांध पिछले कई साल से भरे नहीं जा सके हैं।
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एक नजर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट
- अगस्त 2005 में केंद्र सरकार, यूपी और मध्य प्रदेश सरकार के बीच केन-बेतवा नदी बेसिन के जल बंटवारे को लेकर समझौता हुआ। पर बाद की सरकारों ने अमल नहीं किया।
- हमीरपुर में मौदहा बांध को भरने की सुनिश्चित व्यवस्था करते हुए हमीरपुर में 26,900 हेक्टेयर की सिंचाई व्यवस्था और तहसील राठ में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
- महोबा में करीब 37564 हेक्टेयर, ललितपुर में 3533 हेक्टेयर, झांसी में 17488 हेक्टेयर, हमीरपुर में 26900 हेक्टेयर और बांदा में 192479 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
- झांसी में लगभग 14.66 मिलियन घन मीटर, ललितपुर में 31.98 मिलियन घन मीटर, हमीरपुर में 2.79 मिलियन घन मीटर और महोबा में 20.13 मिलियन घन मीटर पीने के लिए पानी उपलब्ध होगा।
- परियोजना के अंतर्गत बरियारपुर पिकप बीयर के डाउनस्ट्रीम में दो नए बैराजों का निर्माण कर लगभग 188 मिलियन घन मीटर जल भंडारण किया जा सकेगा।
- बरियारपुर पिकप वीयर, परीछा वीयर, बरुआ सागर बांध आदि संरचनाओं के निर्माण पुनरुद्धार एवं पुनर्स्थापना का कार्य होगा।
- महोबा में पानी के टैंकों और उनके जलवहन प्रणाली का कार्य प्रस्तावित है। इसके माध्यम से मानसून अवधि में जल संग्रह कर गैर मानसून अवधि में जल का उपयोग किया जा सकेगा। बांदा एवं झांसी को प्रेशराइज्ड पाइप सिस्टम व माइक्रो इरीगेशन सिस्टम से लाभांवित किया जाएगा।