UP: नोएडा के बाद लखनऊ-कानपुर तकनीक के उभरते केंद्र, आईटी-आईटीईएस सेक्टर में यूपी ने की बड़ी तरक्की
उत्तर प्रदेश में नोएडा के बाद लखनऊ और कानपुर तकनीक के बड़े केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। इस सेक्टर में यूपी में बड़ी तरक्की की है। 5600 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
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पिछले आठ वर्षों में आईटी-आईटीईएस सेक्टर में प्रदेश ने बड़ी तरक्की की है। यूपी का नोएडा न सिर्फ देश के बड़े आईटी हब के रूप में स्थापित है, बल्कि लखनऊ-कानपुर जैसे शहर भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में आईटी-आईटीईएस के क्षेत्र में कुल 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें से 5600 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है।
डिलॉयट की रिपोर्ट में आईटी-आईटीईएस सेक्टर में प्रदेश के योगदान का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, आईटी-आईटीईएस क्षेत्र वर्तमान में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 3.2% का योगदान देता है। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में यह 5% से अधिक होगा। राज्य से आईटी निर्यात 75,000 करोड़ से अधिक रहा है।
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वित्त वर्ष 2023-24 में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के माध्यम से निर्यात ने 43,000 करोड़ से अधिक का योगदान दिया। पिछले कुछ वर्षों में नोएडा ने खुद को एक प्रमुख प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित किया है। नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट का अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर इसका प्रमाण है। यहां 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
15 एकड़ में फैला यह कैंपस अमेरिका के बाहर माइक्रोसॉफ्ट का सबसे बड़ा कैंपस है। वहीं, नैसकॉम ने लखनऊ और कानपुर को उभरते प्रौद्योगिकी केंद्रों के रूप में मान्यता दी है। लखनऊ में 258 एकड़ में फैली आईटी सिटी का विकास हो रहा है। आईबीएम भी लखनऊ में अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर लैब खोलने जा रही है, जो एआई समेत सॉफ्टवेयर और आईटी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम कर न सिर्फ देश-प्रदेश, बल्कि वैश्विक पटल पर भी ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित करेगा।
प्रदेश में आईटी सेक्टर को उद्योग का दर्जा
राज्य में आईटी-आईटीईएस के क्षेत्र के विकास की गति को और तेज करने के लिए योगी सरकार ने कई लक्षित नीतिगत उपाय किए हैं। प्रदेश में आईटी सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसमें आईटी इकाइयों को कम बिजली दरों और औद्योगिक भूमि बैंकों तक पहुंच का लाभ मिल रहा है। राज्य स्टार्टअप ईकोसिस्टम भी चला रहा है, जिसमें अब 14 हजार से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप शामिल हैं। योगी सरकार ने मेडटेक, ब्लॉकचेन, टेलीकॉम, एआई, ड्रोन व एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 70 इनक्यूबेटर व सात उत्कृष्टता केंद्रों को मान्यता दी है।
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