{"_id":"6928b92a629c2a64610536d5","slug":"after-incomplete-treatment-he-was-thrown-out-of-laris-emergency-room-lucknow-news-c-13-knp1050-1490696-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अधूरा इलाज करके लारी की इमरजेंसी से कर दिया बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अधूरा इलाज करके लारी की इमरजेंसी से कर दिया बाहर
विज्ञापन
लारी के रैन बसेरे में परिजन के साथ सीतापुर के रवींद्र।
लखनऊ। केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग की इमरजेंसी में मरीजों को मुकम्मल इलाज नहीं मिल रहा है। सीतापुर से आए मरीज को अधूरे इलाज के बाद ही बाहर कर दिया गया। वह गंभीर हालत में इमरजेंसी के सामने बने रैन बसेरे में पड़ा तड़पता रहा। उसे ओपीडी में दिखाने के लिए भी तीमारदार काफी देर तक दौड़ लगाते रहे, लेकिन मायूसी ही हाथ लगी।
बुधवार सुबह सीने में दर्द उठने पर सीतापुर के रेउसा ब्लॉक निवासी रवींद्र को परिजन जिला अस्पताल ले
गए। यहां डॉक्टरों ने लारी रेफर कर दिया। दोपहर 12 बजे रवींद्र को लारी लाया गया। यहां इमरजेंसी में भर्ती करके ईसीजी समेत अन्य जांचें कराई गईं। प्राथमिक इलाज के बाद ओपीडी में दिखाने की सलाह देकर मरीज को बाहर कर दिया गया। परिजन रवींद्र को इमरजेंसी के सामने बने रैन बसेरे में लेकर पहुंचे।
आरोप : डेढ़ लाख रुपये जमा न करने पर नहीं किया भर्ती
भाई धर्मेंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को लंबे इंतजार के बाद रवींद्र को ओपीडी में दिखा पाए। डॉक्टर ने रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन करने की बात कही। डेढ़ लाख रुपये खर्च बताया। आरोप लगाया कि रुपये न जमा करने पर मरीज को भर्ती नहीं किया गया। धर्मेंद्र ने बताया कि उनके भाई की हालत गंभीर थी। चलने-फिरने पर सांसें फूलने के साथ सीने में दर्द हो रहा था, लेकिन न तो इमरजेंसी में पुख्ता इलाज मिला और न ही ओपीडी में भर्ती किया गया। हालत गंभीर होते देख परिजन रवींद्र को लेकर लौट गए। वर्जन इमरजेंसी में मरीज को इलाज मुहैया कराकर ओपीडी में दिखाने की सलाह दी गई। मरीज कई घंटे तक रैन बसेरे में किस वजह से रहा, इसके बारे में पता कराया जाएगा। परिजन के आरोप सही मिले तो कार्रवाई की संस्तुति होगी।
विज्ञापन
- डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू
विज्ञापन
बुधवार सुबह सीने में दर्द उठने पर सीतापुर के रेउसा ब्लॉक निवासी रवींद्र को परिजन जिला अस्पताल ले
गए। यहां डॉक्टरों ने लारी रेफर कर दिया। दोपहर 12 बजे रवींद्र को लारी लाया गया। यहां इमरजेंसी में भर्ती करके ईसीजी समेत अन्य जांचें कराई गईं। प्राथमिक इलाज के बाद ओपीडी में दिखाने की सलाह देकर मरीज को बाहर कर दिया गया। परिजन रवींद्र को इमरजेंसी के सामने बने रैन बसेरे में लेकर पहुंचे।
विज्ञापन
आरोप : डेढ़ लाख रुपये जमा न करने पर नहीं किया भर्ती
भाई धर्मेंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को लंबे इंतजार के बाद रवींद्र को ओपीडी में दिखा पाए। डॉक्टर ने रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन करने की बात कही। डेढ़ लाख रुपये खर्च बताया। आरोप लगाया कि रुपये न जमा करने पर मरीज को भर्ती नहीं किया गया। धर्मेंद्र ने बताया कि उनके भाई की हालत गंभीर थी। चलने-फिरने पर सांसें फूलने के साथ सीने में दर्द हो रहा था, लेकिन न तो इमरजेंसी में पुख्ता इलाज मिला और न ही ओपीडी में भर्ती किया गया। हालत गंभीर होते देख परिजन रवींद्र को लेकर लौट गए। वर्जन इमरजेंसी में मरीज को इलाज मुहैया कराकर ओपीडी में दिखाने की सलाह दी गई। मरीज कई घंटे तक रैन बसेरे में किस वजह से रहा, इसके बारे में पता कराया जाएगा। परिजन के आरोप सही मिले तो कार्रवाई की संस्तुति होगी।
विज्ञापन
- डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू