{"_id":"0e2ddacce7780db078f3c592c6ea8bfb","slug":"after-death-zohra-sahgal-got-lacchu-maharaj-award-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहगल को मरणोपरांत लच्छू महाराज अवॉर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहगल को मरणोपरांत लच्छू महाराज अवॉर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 02 Sep 2014 04:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मशहूर अदाकारा व हर दिल अजीज अभिनेत्री जोहरा सहगल को मरणोपरांत लच्छू महराज अवॉर्ड से नवाजा गया।
विज्ञापन
उनकी बेटी किरण सहगल ने यह सम्मान ग्रहण किया। उन्हें स्मृतिचिह्न, अंगवस्त्र के साथ सम्मान स्वरूप 51 हजार रुपये प्रदान किए गए।
यह अलंकरण लखनऊ घराने के कथक के अहम हस्ताक्षर रहे। पं. लच्छू महराज की 107वीं जयंती के अवसर पर लच्छू महराज बैले सेंटर द्वारा राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह में हुआ।
इस अवसर पर सेंटर के कलाकारों ने कथक की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत कथक संरचना ‘नृत्यरंजनी’ से हुई, जिसमें कथक के विभिन्न इंद्रधनुषी रंगों को मंच पर उतारा गया।
विज्ञापन
अगली प्रस्तुति मंदिर नृत्य की हुई, जिसमें ‘गोपाल गोसुत’ बोल पर कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य पेश किया।
इसके बाद लखनऊ घराने का भावप्रधान दादरा ‘रंगी सारी गुलाबी चुनरिया’ और मुगलकालीन तराना प्रस्तुत किया गया। अंतिम पेशकश ‘दैया री मोहे भिजोया’ बोल पर सूफी कथक की रही।
विज्ञापन
मंच पर प्रियंका मल्होत्रा, उपासना श्रीवास्तव, साक्षी श्रीवास्तव, अशमिता श्रीवास्तव, रमा मिश्र ने कथक किया। मूल निर्देशन शृंगारमणी, कुमकुम आदर्श व कोरियोग्राफी अक्षय कुमार की रही।
इससे पूर्व सुबह में बैले केंद्र की ओर से बिंदादीन की ड्योढ़ी के निकट लगी। पं. लच्छू महराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम हुआ।
जिसमें लच्छू महराज के भाई शम्भू महाराज की बेटी मुन्नी देवी, भातखण्डे संगीत समविश्वविद्यालय की डॉ. कुमकुम धर सहित तमाम कथक कलाकार उपस्थित रहे।