{"_id":"66eb68409c0ef39d4c0a3284","slug":"after-bangladeshi-and-rohingya-now-rae-bareli-has-kashmiri-connection-raebareli-news-c-101-1-slko1031-119885-2024-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: बांग्लादेशी व रोहिंग्या के बाद अब रायबरेली का कश्मीरी कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: बांग्लादेशी व रोहिंग्या के बाद अब रायबरेली का कश्मीरी कनेक्शन
Thu, 19 Sep 2024 05:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 19 Sep 2024 05:24 AM IST
विज्ञापन
डलमऊ (रायबरेली)। बांग्लादेशी व रोहिंग्या के बाद संवेदनशील रायबरेली से अब कश्मीरी कनेक्शन भी जुड़ गया है। बड़ा मठ डलमऊ में जम्मू-कश्मीर निवासी मुस्लिम युवक ने हिंदू बनकर दीक्षा लेने का प्रयास किया था, लेकिन आधार की जांच में उसकी पोल खुल गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया। संत इसे मठ को नुकसान पहुंचाने की साजिश बता रहे हैं।
जन्म प्रमाणपत्र मामले में रायबरेली का सलोन क्षेत्र पूरे देश में चर्चा में रहा। यहां से बांग्लादेशियों के साथ ही रोहिंग्याओं के भी प्रमाणपत्र बना दिए गए। पीएफआई के भी एक आतंकी का यहीं से प्रमाणपत्र बनाया गया। पुलिस के बाद यूपी एसटीएफ ने जांच कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एक के बाद एक 20 लोगों को गिरफ्तार किया। एनआईए अभी जांच कर ही रही है। इस बीच सोमवार को डलमऊ के बड़ा मठ में कश्मीरी युवक के पहुंचने से पूरा क्षेत्र फिर चर्चा में आ गया।
मठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि महाराज ने बुधवार को बताया कि पहले भी मठ निशाने पर रहा। वर्ष 2009 में मठ से जुड़े संकट मोचन मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर ली गई थीं। साल 2011 में उनकी हत्या की 10 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी। समय रहते पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। गंगा नदी के किनारे 1957 में बड़ा मठ की स्थापना हुई थी। अभी यहां 36 बच्चे दीक्षा ले रहे हैं।
विज्ञापन
पुलिस बोली, कश्मीरी पंडित था युवक
बड़ा मठ डलमऊ में संदिग्ध मुस्लिम युवक के पहुंचने का मामला संज्ञान में आने के बाद बुधवार को पुलिस भी हरकत में आई। सीओ डलमऊ अरुण कुमार नौहवार व कोतवाली प्रभारी पवन सोनकर सुबह बड़ा मठ पहुंचे। उन्होंने मठ के संतों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि बड़ा मठ आए साधु के बारे में जांच कराई गई है। ड्राइविंग लाइसेंस में साधु का नाम साहिल राजदान लिखा है।
राजदान जम्मू कश्मीर के ब्राह्मण होते हैं। वह घर त्याग कर धार्मिक शिक्षा लेने के लिए हरिद्वार में अपने गुरु के पास था। उसे बड़ा मठ डलमऊ की जानकारी हुई तो वह यहां पर दीक्षा लेने आया था। इसके बाद वह चला गया। जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि यहां आया साधु हरिद्वार में अपने गुरु के पास पहुंच गया है। बड़ा मठ के संतों के ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के बाद वह यहां से क्यों चला गया, इस बारे में पड़ताल कराई जा रही है।
संतों ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा होनी चाहिए जांच
महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि महाराज ने पुलिस पर सवाल उठाए और कहा कि मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। हो सकता है कि यहां आया युवक जम्मू-कश्मीर के दूसरे व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस लेकर घूम रहा था। यदि वह सही था तो पूछताछ करने के बाद यहां से भाग क्यों गया। स्वामी दिव्यानंद महाराज कहते हैं कि प्रकरण की सही तरीके से जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
जन्म प्रमाणपत्र मामले में रायबरेली का सलोन क्षेत्र पूरे देश में चर्चा में रहा। यहां से बांग्लादेशियों के साथ ही रोहिंग्याओं के भी प्रमाणपत्र बना दिए गए। पीएफआई के भी एक आतंकी का यहीं से प्रमाणपत्र बनाया गया। पुलिस के बाद यूपी एसटीएफ ने जांच कर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। एक के बाद एक 20 लोगों को गिरफ्तार किया। एनआईए अभी जांच कर ही रही है। इस बीच सोमवार को डलमऊ के बड़ा मठ में कश्मीरी युवक के पहुंचने से पूरा क्षेत्र फिर चर्चा में आ गया।
विज्ञापन
मठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि महाराज ने बुधवार को बताया कि पहले भी मठ निशाने पर रहा। वर्ष 2009 में मठ से जुड़े संकट मोचन मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी कर ली गई थीं। साल 2011 में उनकी हत्या की 10 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी। समय रहते पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। गंगा नदी के किनारे 1957 में बड़ा मठ की स्थापना हुई थी। अभी यहां 36 बच्चे दीक्षा ले रहे हैं।
विज्ञापन
पुलिस बोली, कश्मीरी पंडित था युवक
बड़ा मठ डलमऊ में संदिग्ध मुस्लिम युवक के पहुंचने का मामला संज्ञान में आने के बाद बुधवार को पुलिस भी हरकत में आई। सीओ डलमऊ अरुण कुमार नौहवार व कोतवाली प्रभारी पवन सोनकर सुबह बड़ा मठ पहुंचे। उन्होंने मठ के संतों से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि बड़ा मठ आए साधु के बारे में जांच कराई गई है। ड्राइविंग लाइसेंस में साधु का नाम साहिल राजदान लिखा है।
राजदान जम्मू कश्मीर के ब्राह्मण होते हैं। वह घर त्याग कर धार्मिक शिक्षा लेने के लिए हरिद्वार में अपने गुरु के पास था। उसे बड़ा मठ डलमऊ की जानकारी हुई तो वह यहां पर दीक्षा लेने आया था। इसके बाद वह चला गया। जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि यहां आया साधु हरिद्वार में अपने गुरु के पास पहुंच गया है। बड़ा मठ के संतों के ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के बाद वह यहां से क्यों चला गया, इस बारे में पड़ताल कराई जा रही है।
संतों ने पुलिस पर उठाए सवाल, कहा होनी चाहिए जांच
महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि महाराज ने पुलिस पर सवाल उठाए और कहा कि मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। हो सकता है कि यहां आया युवक जम्मू-कश्मीर के दूसरे व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस लेकर घूम रहा था। यदि वह सही था तो पूछताछ करने के बाद यहां से भाग क्यों गया। स्वामी दिव्यानंद महाराज कहते हैं कि प्रकरण की सही तरीके से जांच होनी चाहिए।