फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   After ayodhya vihip demands mathura and kashi

अयोध्या मथुरा और काशी हिंदुओं को सौंपे मुस्लिम, बोले अशोक सिंघल

Thu, 11 Jun 2015 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Thu, 11 Jun 2015 12:29 PM IST
विज्ञापन
After ayodhya vihip demands mathura and kashi

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संरक्षक अशोक सिंहल ने मुसलमानों से एक बार फिर अयोध्या, मथुरा और काशी के स्थलों को हिंदुओं को सौंपने की अपील की है। परस्पर प्रेम से रहने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा,हिंदुओं का विरोध मुसलमानों से नहीं सिर्फ जेहादी इस्लाम से है।

विज्ञापन


मुस्लिम समाज इसे समझे और जेहादी इस्लाम से रिश्ता तोड़े। अतीत की घटनाओं से सबक न लिया तो उसकी मुश्किलें बढ़ेंगी।

बुधवार को लखनऊ के गांधी भवन सभागार में ‘महाराजा सुहेलदेव हिंदू विजयोत्सव’में सिंहल ने कहा कि जेहादी इस्लाम पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बन गया है।

जेहादी इस्लाम की धारा से निकले इस्लामिक स्टेट जैसे संगठन दुनिया को शांति से नहीं रहने देना चाहते। स्थिति कुछ उसी तरह की है जिस परिस्थिति में राजा सुहेलदेव को महमूद गजनवी के भांजे सालार मसूद से युद्ध लड़ना पड़ा था।
विज्ञापन


सिंहल ने कहा कि हिंदू समाज न बाबर को भूल सकता है और न औरंगजेब के अत्याचारों को। महमूद गजनवी और सालार मसूद को भी माफ नहीं किया जा सकता।

मुस्लिम समाज से हमें कोई बैर नहीं:विहिप

After ayodhya vihip demands mathura and kashi

सिंहल ने कहा,विहिप का मुस्लिम समाज से बैर नहीं है। इस्लाम से भी कोई दिक्कत नहीं है। बैर व दिक्कत सिर्फ उन लोगों से है जो हिंदू संस्कृति को समाप्त करने का सपना पाले हैं। हिंदू समाज तो मानता ही है कि हमारे पूर्वज एक ही थे।

सिंहल ने मोदी सरकार की जमकर पीठ ठोंकी। उन्होंने कहा,जेहादी इस्लाम के विरोध में ही पृथ्वीराज चौहान के 800 वर्षों बाद दिल्ली में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिंदू स्वाभिमानी सरकार बनी है।

राम मंदिर विरोधियों का चुनाव में सफाया हो गया। दिल्ली में आज रामभक्तों की सरकार है। विहिप नेता ने कहा कि जेहादी इस्लाम के कारण ही राम जन्मभूमि आंदोलन चलाना पड़ा था।

उस समय अगर मुस्लिम समाज के लोग अयोध्या, मथुरा और काशी पर दावा छोड़ देते तो आंदोलन न चलता। आंदोलन न चलता तो कई दलों का सफाया न होता। रामभक्तों को लेकर जा रही रेलगाड़ी के डिब्बों को जलाने का नतीजा क्या हुआ?

मोदी को लेकर चले विरोध अभियान का नतीजा तुष्टीकरण की राह पर चलने वाले राजनीतिक दलों के सफाए के रूप में सामने आया।

जब भगवान चाहेंगे,बन जाएगा मंदिर

After ayodhya vihip demands mathura and kashi

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के सवाल पर सिंहल ने कहा कि भगवान जब चाहेंगे तो मंदिर भी बन जाएगा। केंद्र सरकार के इस मामले में दखल न देने के सवाल पर बोले,इसका जवाब केंद्र सरकार से पूछना चाहिए। जहां तक हिंदू समाज की बात है तो मंदिर निर्माण की तैयारी चल ही रही है। सुन्नी वक्फ बोर्ड मुकदमा हार चुका है। आगे भी जीत रामभक्तों की ही होगी।

योग को किसी धर्म से जोड़ना ठीक नहीं
अशोक सिंहल ने कहा कि योग का विरोध ठीक नहीं है। इसे किसी धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। यह तो स्वास्थ्य से जुड़ी एक पद्धति है। पूरी दुनिया ने योग को मान्यता दी है। इसलिए इस पर विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए। इस सवाल पर कि कुछ लोग योग को  अनुचित मानते हैं,सिंहल ने कहा- योग किसी से भी जबरदस्ती नहीं करवाया जा रहा है। जिन्हें जीवन के बजाय मृत्यु प्रिय है,वे इसे न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed