भूकंप आने के बाद कठिन हुआ शहर में घर बनाना
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भूकंप के बाद चेता जिला प्रशासन अब शहर में होने वाले सभी निर्माणों में भूकंपरोधी मानकों सहित आपदा प्रबंधन का सख्ती से पालन कराने पर जुट गया है।
इसके तहत अब भवन निर्माण का मानचित्र पास कराते वक्त आवेदक को हलफनामा देकर बताया होगा कि वह भूकंपरोधी व आपदा प्रबंधन के अन्य मानकों का पालन करेगा।
इसके अलावा शहर की विस्तारित महायोजना सहित अन्य सभी प्रस्तावित भवन निर्माण और विकास कार्यों का मानचित्र पास कराने से पहले आपदा प्रबंधन की एनओसी लेना भी जरूरी होगा।
कार्यदायी संस्थाओं, एलडीए व आवास विकास परिषद पर भवन निर्माण के दौरान भूकंपरोधी मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी होगी।
विशेषज्ञों ने बनाई नई व्यवस्था
जिला आपदा प्रबंधन योजना के प्रभारी अधिकारी और एडीएम वित्त व राजस्व धनंजय शुक्ला ने बताया कि प्रस्तावित योजना के तहत अब नए भवन निर्माण व विकास कार्य के लिए भूकंपरोधी मानक सहित आपदा प्रबंधन के सभी मानकों का पालन अनिवार्य बनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हाल में आए भूकंप के झटकों के बाद सबसे ज्यादा दहशत अनियोजित तरीके से बनाई गईं बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों में दिखाई दी थी।
इसे ध्यान में रखकर जल्द ही विशेषज्ञों के साथ बैठक कर नई व्यवस्था से जुड़ी कार्ययोजना का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। फिर इस कार्ययोजना को जिलाधिकारी राजशेखर की संस्तुति के लिए भेजा जाएगा।