लखनऊः थाने में अधिवक्ता-पुलिसकर्मी भिड़े, पुलिसकर्मियों पर केस, ये था मामला
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उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह ने भी रमाशंकर तिवारी व उनके साथी वकीलों पर मारपीट, गाली गलौज, धमकी व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत करा दिया गया।
इंस्पेक्टर अशोक कुमार सरोज ने बताया कि रविवार देर शाम तेलीबाग के द्वारिकापुरी निवासी पूर्व सैनिक अरविंद कुमार के साथ बाइक सवार कुछ लोगों ने मारपीट की थी। पूर्व सैनिक बाइक से घर जा रहे थे तभी ईश्वरीखेड़ा के पास एसयूवी सवार चार-पांच बदमाशों ने ओवरटेक करके रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी।
विरोध करने पर उन्होंने मारपीट की। हमलावरों ने उन पर फायरिंग की लेकिन वह बाल-बाल बच गए। शोरगुल मचने पर हमलावर भाग गए तो उन्होंने चिनहट के गोयल अपार्टमेंट निवासी अधिवक्ता मित्र रामशंकर तिवारी को सूचना दी। रात करीब आठ बजे अधिवक्ता थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज
अधिवक्ता का कहना है कि थाना पर मौजूद पुलिसकर्मी तहरीर से फायरिंग की बात हटवाने का दबाव बनाने लगे। अरविंद ने विरोध किया तो पुलिसकर्मी गाली-गलौज व मारपीट करने लगे। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सबके मोबाइल फोन तोड़ डाले और सारा सामान छीन लिया।
सूचना पाकर अधिवक्ता के साथी वकील थाना आ गए और हंगामा शुरू कर दिया। एसपी उत्तरी के साथ सीओ कैंट डॉ बीनू सिंह, सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह, सीओ गोमतीनगर संतोष कुमार सिंह और सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
अधिवक्ता ने उपनिरीक्षक आशुतोष सिंह व राजू सिंह और आरक्षी राम कुमार व राजकुमार समेत 50 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।